कोरोना आपदा के वक्त भारत की छवि खराब करने वालों को मैथ्यू हेडेन की लताड़

ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैथ्यू हेडेन यूं तो जब भारत के खिलाफ बल्लेबाजी करते थे तो वो भारतीय टीम पर बिल्कुल रहम नही करते थे ये सब जानते हैं लेकिन ये बल्लेबाज वैसे भारत से कितना प्यार करता है इस बात का खुलासा उस वक्त हुआ जब कुछ अपने और कुछ विदेशी दुश्मन बिलकर भारत की साख कोरोना वायरस को लेकर खराब कर रहे है तो मैथ्यू हेडेन ने खुलकर भारत के समर्थन में बोला है।

विदेशी मीडिया पर बरसे क्रिकेटर मैथ्यू हेडेन

दुनिया में भारत की बढ़ती साख और मोदी जी के और से जो विदेशी मीडिया सहित लेफ्ट-लिबरल्स जलते थे वो भारत को बदनाम करने की साजिश भले ही क्यो ना खूब रच रहे हो लेकिन अब उन्हे ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर मैथ्यू हेडेन ने उन्हे आईना दिखाया है। कोरोना के खिलाफ भारत की जंग का समर्थन करते हुए उन्होने भारत सरकार की आलोचना के लिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया की जमकर खिंचाई की। भारत की आलोचना किए जाने से निराश हेडेन ने एक पोस्ट में लिखा, “यह हजारों मील दूर बैठे लोगों के लिए नहीं है।” बता दें कि जहाँ एक तरफ वैश्विक मीडिया भारत की छवि को धूमिल करने के लिए दुष्प्रचार कर रहा है तो वहीं दुनियाभर के कई देश भारत की मदद के लिए संसाधन भी भेज रहे हैं। गौरतलब है कि हेडेन भारत में आईपीएल में हिस्सा लेने के लिए आए थे। एक लेटर लिखकर उन्होंने कहा, “भारत महामारी की दूसरी लहर की मार के बीच में है। इससे पहले ऐसा कभी नहीं देखा गया। यह वायरस के खतरनाक संक्रमण से जूझ रहा है, बावजूद इसके विश्व मीडिया ने 1.4 बिलियन वाले एक देश को लताड़ने में कोई कसर नहीं छोड़ा, जहाँ किसी भी सरकारी योजना को शुरू करके सफल बनाना अपने आपमें बड़ी चुनौती है।”

तमिलनाडु को बताया आध्यात्मिक घर

तमिलनाडु को अपना “आध्यात्मिक घर” बताते हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई सलामी बल्लेबाज ने कहा, “मैं अब एक दशक से अधिक समय से भारत का दौरा कर रहा हूँ और पूरे देश की यात्रा कर चुका हूँ, खासकर तमिलनाडु, जिसे मैं अपना “आध्यात्मिक घर” मानता हूँ। मेरे मन में हमेशा उन नेताओं और सरकारी अधिकारियों के लिए सर्वोच्च सम्मान रहा है, जिन्हें इस तरह के विविध और विशाल देश को चलाने का काम सौंपा गया है।” हेडेन ने ऑस्ट्रेलिया स्थित एक थिंक टैंक “इंस्टीट्यूट फॉर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया एंगेजमेंट” के लिए लिखा, “मैं जहाँ भी गया, लोगों ने प्यार और स्नेह से मेरा स्वागत किया, जिसके लिए मैं उनके कर्ज में डूबा रहा। मैं गर्व के साथ दावा कर सकता हूँ कि मैंने भारत को वर्षों से करीब से देखा है और यही कारण है कि न केवल इस कठिन समय में भारत के लिए, बल्कि निंदा करने वाले मीडिया के लिए भी मेरा दिल धड़कता है, जिन्होंने भारत, उसके लोगों और उसकी असंख्य चुनौतियों को समझने के लिए जरा सा भी समय नहीं दिया।“ हेडेन ने ऐसे लोगों से भारत को समझने के लिए समय सुनिश्चित करने की अपील की है।

वैसे हेडन के इस बयान से वो लोग चुप तो नहीं होने वाले जो सरकार और भारत के खिलाफ एक एजेंडा चलाने में लगे है लेकिन हां ये जरूर है कि जो इस तरह की साजिश रच कर देश की छवि खराब कर रहे है उनकी कलई जरूर खुल गई है। जो ये बताता है कि भारत की छवि खराब करने में ऐसे लोगो को कुछ भी कर ले लेकिन भारत को बदनाम करना मुश्किल ही नही नामुमकिन है।