राज्यसभा के 250वां सत्र से बदल गई मार्शल की यूनिफॉर्म

Marshall's uniform changed from the 250th session of Rajya Sabha

सोमवार 18 नवंबर 2019 से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। राज्यसभा की कार्रवाही शुरू होने से ठीक पहले जैसे ही राज्यसभा अध्यक्ष वेंकैया नायडू सदन में आए तो हर कोई हैरान था। दरअसल उनके साथ खड़े होने वाले मार्शल आज बिल्कुल अलग अंदाज़ और कलेवर में नज़र आ रहे थे। मार्शल नए रंग की यूनिफॉर्म में सभापति के साथ खड़े नजर आए।

Marshall's uniformराज्यसभा का ये 250 वां सत्र चल है और इस सत्र को खास बनाने के लिए लगता है, मार्शल की ड्रेस में भी बदलाव किया गया है। राज्यसभा मार्शल का यूनिफॉर्म कुछ कुछ सेना की ड्रेस जैसा है। हालांकि ये रंग थोड़ा अलग है। संसद के मार्शलों की पहले सफेद रंग की यूनिफॉर्म होती थी और सर की पगड़ी की जगह अब कैप ने ले ली है। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों ने बताया कि इस बारे में किए गए उच्चस्तरीय फैसले के बाद मार्शल के लिए जारी ड्रेस कोड के तहत सदन में तैनात मार्शलों को कलगी वाली सफेद पगड़ी और पारंपरिक परिधान की जगह अब गहरे नीले रंग की वर्दी और कैप पहननी होगी। राज्यसभा सचिवालय के सूत्रों के अनुसार पिछले कई दशकों से चल रहे इस ड्रेस कोड में बदलाव की मांग मार्शलों ने ही की थी।

उल्लेखनीय है कि सभापति सहित अन्य पीठासीन अधिकारियों की सहायता के लिये लगभग आधा दर्जन मार्शल तैनात होते हैं। एक अधिकारी ने बताया कि मार्शलों ने उनके ड्रेस कोड में बदलाव कर ऐसा परिधान शामिल करने की मांग की थी जो पहनने में सुगम और आधुनिक ‘लुक’ वाली हो। इनकी मांग पर को स्वीकार कर राज्य सचिवालय और सुरक्षा अधिकारियों ने नई ड्रेस को अंतिम रूप दिया। सूत्रों के अनुसार मार्शलों ने इस बदलाव पर खुशी जाहिर की है।

गौरतलब है कि राज्यसभा का यह 250वां सत्र है। इस सदन में 245 सदस्य हैं। इसका गठन 1952 में हुआ था। 26 नवंबर को संविधान को 70 साल पूरे हो जाएंगे। इस अवसर पर संयुक्त सत्र बुलाया गया है।

इससे पहले संसद के शीतकालीन सत्र की आज शुरूआत हुई और सभापति एम वेंकैया नायडू ने पूर्व वित्त मंत्री तथा सदन के पूर्व नेता अरुण जेटली तथा राम जेठमलानी एवं तीन पूर्व सदस्यों जगन्नाथ मिश्र, सुखदेव सिंह लिबरा एवं गुरदास दासगुप्ता को श्रद्धांजलि दी गई और इन नेताओं के सम्मान में बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शीलकालीन सत्र से पहले सभी दलों से सहयोग की अपील की है।