केंद्रीय मंत्रिमंडल से नागरिकता संशोधन विधेयक, संस्कृत यूनिवर्सिटी और पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन समेत कई अहम विधेयकों को मिली मंजूरी

Citizenship Amendment Bill 2019प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अध्यक्षता में दिल्ली में बुधवार को मंत्रिमंडल की बैठक हुई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कैबिनेट ने नागरिकता संशोधन बिल को मंज़ूरी दे दी है। अब इस बिल को लोकसभा में पेश किया जाएगा। बिल में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफ़ग़ानिस्तान से भारत आए अप्रवासियों को नागरिकता देने का प्रावधान है बशर्ते कि वो उन देशों के बहुसंख्यक यानी मुस्लिम समुदाय से नहीं हों। बिल का फ़ायदा इन देशों से भारत आए वहां के अल्पसंख्यक समुदाय के हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई और पारसी समुदाय के लोगों को मिलेगा। इससे पहले नागरिकता संशोधन बिल 19 जुलाई 2016 में लोकसभा में पेश किया गया था। बिल को संसद की संयुक्त समिति के पास भेजा गया और इसकी रिपोर्ट आने के बाद बिल को इसी साल 8 जनवरी को लोकसभा ने पारित कर दिया। हालांकि बिल राज्यसभा में नहीं जा सका और लोकसभा का कार्यकाल ख़त्म होने से बिल भी ख़त्म हो गया था।

इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री शाह पिछले कुछ दिनों से नागरिकता संशोधन बिल से जुड़े विभिन्न हितधारकों के साथ विधेयक के मसले पर बैठक कर रहे थे। शाह ने विधेयक के विभिन्न प्रावधानों के बारे में हितधारकों के साथ चर्चा की और इसके विभिन्न पहलुओं पर भ्रम दूर करने की कोशिश की।

सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश

उल्लेकखनीय है कि भाजपा नेतृत्व ने नागरिकता (संशोधन) विधेयक को अनुच्छेद 370 हटाने जितना ही महत्वपूर्ण बताया है। यही कारण है कि इस बिल को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संसद में पेश किए जाने के दौरान सभी पार्टी सांसदों को सदन में मौजूद रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को मंजूरी

फेसबुक और वाट्सएप पर निजी डाटा चुराने के आरोपों के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने निजी डेटा संरक्षण विधेयक 2019 को बुधवार को मुहर लगाई। अब अगर कोई कंपनी, साइट या एप आपकी निजी जानकारी चुराती है तो उस पर भारी जुर्माना लगेगा। सरकार विशेष परिस्थितियों में अहम और संवेदनशील डाटा तक राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की पहुंच का विकल्प प्रदान करने वाले और कंपनियों पर देश में ही डाटा रखने का प्राविधान तय करने वाले, इस बिल को संसद के मौजूदा सत्र में ही पेश करेगी।

पिछले सप्ताह सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि सरकार जल्द ही संसद में निजी डेटा के संरक्षण के बारे में एक संतुलित विधेयक पेश करेगी।

एससी-एसटी रिजर्वेशन बिल को मंजूरी

सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर

कैबिनेट ने संसद में एससी-एसटी प्रतिनिधित्व को 10 साल बढ़ाने की मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट मीटिंग के बारे में बताया कि एससी-एसटी रिजर्वेशन को 10 साल और बढ़ाते हुए 2030 तक कर दिया गया है। इसकी मियाद 25 जनवरी, 2020 को समाप्त हो रही थी।
जम्मू कश्मीर आरक्षण (दूसरे संशोधन विधेयक ) 2019 को निरस्त करने की कैबिनेट की हरी झंडी मिल गई है। कैबिनेट की बैठक में लेबर कोड से जुड़े चौथे कानून को मंजूरी दी गई। इस विधेयक को इसी सत्र में संसद में पेश किया जाएगा।

भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को मंजूरी

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि कैबिनेट ने भारत बॉन्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड को स्वीकृति प्रदान की है, जिससे सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और अन्य संस्थानों के लिए अतिरिक्त धन जुटाया जा सकेगा। भारत बॉन्ड ईटीएफ देश में पहला कॉर्पोरेट बांड ईटीएफ होगा।

साथ ही मंत्रिमंडल ने फाइव स्टार होटल बनाने के लिए प्रगति मैदान (दिल्ली) में लैंड मोनिटाइजेशन को मंजूरी दी है। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (India Trade Promotion Organisation, ITPO) प्रगति मैदान (Pragati Maidan) को एक विश्व स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शनी और कन्वेंशन सेंटर में विकसित करने की परियोजना शुरू करेगा।

केंद्रीय संस्कृत यूनिवर्सिटी बिल को मंजूरी

Central Sanskrit universities bill

सरकार ने संस्कृत को आगे बढ़ाने की तैयारी कर ली है। देश में संस्कृत के सबसे पुराने 3 डीम्ड यूनिवर्सिटी को सेंट्रल यूनिवर्सिटी में बदलने से संबंधित बिल को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है। इनमें राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान दिल्ली, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ दिल्ली और राष्ट्रीय संस्कृत विद्यापीठ तिरुपति शामिल हैं। फिलहाल इन तीनों ही संस्थानों को मौजूदा समय में डीम्ड विश्वविद्यालय का दर्जा हासिल है।

रमेश पोखरियाल ने लोकसभा में बताया था कि देश में कुल 760 संस्कृत कॉलेज चल रहे हैं, जिनमें से 468 उत्तर प्रदेश में हैं। संस्कृत कॉलेजों की संख्या के मामले में ओडिशा 59 कॉलेजों के साथ दूसरे नंबर पर है। जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सिर्फ एक संस्कृत कॉलेज है।