कई इतिहास गढ़ चुका बनारस शहर एक और इतिहास रचने की तैयारी में

एक तरफ विपक्ष लगातार सरकार पर आरोप लगा रहा है कि देश मे मोदी सरकार के आने के बाद से विकास के कामों पर ब्रेक लग गया है। तो मोदी सरकार लगातार विकास की नई गाथा लिख रही है.

इसी क्रम मे  आजादी के बाद पहली बार ऐसा होगा जब कोई मालवाहक जहाज अंतर्देशीय जलमार्ग से माल की ढुलाई करते हुए वाराणसी पहुंचेगा। खुद पीएम मोदी काशी में बने बहुपक्षीय टर्मिनल को राष्ट्र को  समर्पित करेंगे।

दरअसल 12 नवंबर को पहली बार राष्ट्रीय जलमार्ग (एनडब्ल्यू)-1 यानी वाराणसी-हल्दिया जलमार्ग से कोलकाता से चले एमवी आरएन टैगोर पोत खाद्य पदार्थों एवं स्नैक्स से भरे 16 कंटेनर के साथ वाराणसी पहुंचेगा. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी के रामनगर में बने बहुपक्षीय टर्मिनल का उद्घाटन करेंगे.

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी जानकारी देते हुए ट्वीट में लिखा, “भारत में यह इस हफ्ते की सबसे बड़ी खबर होनी चाहिए. आजादी के बाद पहली बार अंतर्देशीय जलमार्ग पर कोई जहाज चल रहा है. पेप्सिको के 16 कंटेनर के साथ एमवी आरएन टैगोर पोत गंगा के रास्ते कोलकाता से वाराणसी की ओर बढ़ रहा है.जो एक बड़ी उपलब्धि होगी।

जिस तरह से अटल सरकार ने राजमार्गो को एक दूसरे से जोड़ कर आज समूचे देश की दूरिया कम कर दी थी ठीक उसीतरह देश की नदियों को जोड कर कही न कही पीएम मोदी एक राज्य से दूसरे राज्यो के बीच आने जाने और माल ढुलाई का एक और मार्ग बना दिया है। और वो मार्ग है जल मार्ग आजादी के बाद नदियों को लेकर कई योजनाए तो बनी लेकिन उनका ठीक तरह से उपयोग कैसे किया जाये इस पर सिर्फ मोदी सरकार ने ही कदम उठाया  सरकार की माने तो इस योजना के तहत जहां माल ढुलाई सस्ती होगी तो सड़क से कम समय पर समान एक शहर से दूसरे शहर भी पहुंच जायेगा।

मतलब वक्त के साथ साथ किराया भी कम खर्च होगा। इसी को तो कहते है एक पंथ जो काज और मोदी सरकार की स्कीम भी ऐसी ही होती है। जो एक काम से कई फायदे उटा सके। फिलहाल सरकार लगातार देश के विकास मे लगी हुई है। तभी तो विश्व की रैकिंग मे भारत की स्थिति बेहतर हो रही है। और समूचे विश्व से लोग अब भारत मे आकर व्यवसाय करना चाह रहे है। क्योकि वो अच्छी तरह से जान रहे है कि भारत अब बदल चुका है और तेजी से आगे भी बढ़ रहा है। इस बीच पीएम मोदी की इस योजना से ये तो तय माना जा रहा है कि व्यवसायियों को आने वाले दिनो मे और फायदा होने वाला है तो माल ढुलाई कम हो जाने पर समान भी लोगो को सस्ता मिल सकेगा जिससे महंगाई और कम हो सकती है।

और इससे साफ होता है कि जिस सरकार है कि साफ नियत होती वही सही विकास कर सकता है। जैसे कि मोदी सरकार के वक्त हो रहा है।