मैं कोरोना हूँ!

मैं कोरोना हूँ। कुछ लोग मुझे चाइनीज वायरस भी कहते हैं तो कुछ लोग वुहान वायरस। जो भी हूँ मैं, बहुत खतरनाक हूँ। मैं किसी से नहीं डरता। अभी दुनिया पर बस मेरा राज है। अभी सबसे शक्तिशाली मैं हूँ। अमेरिका, चीन, जर्मनी, इटली, फ़्रांस जैसे देश भी मुझसे डरते हैं। खौफ है मेरा, मौत का तांडव मचा रखा हूँ मैं। दुनिया में लाखों लोगों की जान ले चुका हूँ। कई जगह तो लाशों का ढेर लगा चुका हूँ।

 

मैं दोस्तों का दुश्मन हूँ

जो मुझसे डरते हैं, वो मुझे बहुत पसंद हैं। डरो मुझसे डरो। अगर मेरे पास आने की कोशिश करोगे तो मेरे कहर से बच नहीं पाओगे। मेरी दोस्ती बहुत महंगी पड़ती है। और हाँ, बिना बुलाए मैं किसी के पास जाता नहीं हूँ। हाथ पकड़ के बुलाओगे, पास आ कर बुलाओगे तो जरूर आ कर स्वागत करूंगा। सच बताना मुझसे डर लगता है ना? अगर नहीं लगता है तो डरना शुरू कर दो।

 

बच सकते हो तो बच लो

चलो एक कहानी सुनाता हूँ। एक बार सारे वायरस की मीटिंग हुई। मीटिंग मे सारे वायरस मेरे खिलाफ थे। सबको बस एक शिकायत था। मैं बड़ा खुश था। सबके चेहरे पर बस एक ही भाव था, इस कमीने नए वायरस के चक्कर में हमारी पूछ ही नहीं है। मैंने हंस के मीटिंग मे कहा: “तुम सबकी औकात ही क्या है, सबका इलाज है, सबके लिए वैक्सीन है। मैं अजेय हूँ, मैं अमर हूँ। मेरे डर से देखो सब घर में बंद हैं”

 

तभी मीटिंग में मौजूद एक बूढ़े वायरस ने कहा: “तुम विश्वासघाती हो। लोगों से प्यार से मिलते हो और फैल जाते हो। आजकल के नए वायरस में कोई अनुशासन और सभ्यता ही नहीं है।“

 

“हाँ, मैं छल से फैलता हूँ।  कलयुग का वायरस हूँ मैं। मैं अपना रास्ता तय करना जानता हूँ”

 

“अरे मूर्ख, इतना गुमान ना कर। मैं भी आया था तो खौफ था। लेकिन ये इंसान ने उस खौफ को खत्म कर दिया। ये इंसान हर बार नए वायरस से निपटने का रास्ता निकाल लेते हैं”: अचानक चुपचाप बैठा एक वायरस गुस्से से बोल उठा।

 

“ये तो मुझे भी पता है कि यह इंसान रास्ता निकाल लेंगे। लेकिन तब तक मैं बहुत क्षति पहुंचा दूंगा”

 

“लेकिन आखिर तुमसे इंसान खुद को बचाए कैसे ?” : एक छोटा सा कमजोर वायरस ने डरते डरते पूछ ही लिया

 

“अभी बस एक ही उपाय है #SocialDistancing, एक दूसरे से खुद को दूर रखो, मास्क का प्रयोग करो। इसी लिए भारत जैसे देश जहां लॉकडाउन है, मैं फैल नहीं पा रहा हूँ।“

 

फिर मैं मीटिंग से निकल गया लेकिन वो कटाक्ष अभी भी कानों में गूंज रही है “तेरा भी वैक्सीन बहुत जल्द आएगा”।

खतरनाक हूँ, सब बदल कर रख देंगे

खुद में सोच रहा था कि क्या सचमुच मैं खतरनाक हूँ?

 

हाँ, सब बदल के रख दिया हूँ। दुनिया को एक दूसरे से काट दिया है। कभी किसी ने सोचा नहीं था कि दुनिया थम जाएगी। भारत जैसे देश में बदलाव ला कर मुझसे बचा जा रहा है। मेरे कारण लॉकडाउन लगा है। लॉकडाउन के वजह से रोजाना करीब 450 लोगों की जान रोड एक्सीडेंट से बच रहे हैं और दुनिया में करीब 3700 लोग बच रहे हैं। प्रदूषण से ना जाने कितनी बीमारियाँ फैल रही थी और कितने लोगों की जानें जा रही थी। मेरे संक्रमण का मृत्यु दर भी तो कम है। लेकिन मैं कई देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद कर दूंगा। नदियां साफ हो रही हैं, हवाएँ साफ हो रहे हैं लेकिन नौकरियां भी साफ हो रही है, व्यापार भी बंद हो रहे हैं

 

खतरनाक हूँ, सबकी जिंदगी बदल दूंगा। जीने का तरीका बदल दूंगा। रहने का तरीका बदल दूंगा। सचेत रहो और डरो, फिर मुझसे बच जाओगे।