मध्यप्रदेश के भाजपा सांसद वीरेंद्र कुमार बनेंगे प्रोटेम स्पीकर

Dr Virendra Kumar 17th Lok Sabha's Protem Speaker

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ सीट से सात बार के भाजपा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे वीरेंद्र कुमार को लोकसभा का प्रोटेम स्पीकर चुना गया है।

प्रोटेम शब्द लैटिन भाषा के शब्द प्रो टैम्पोर का संक्षिप्त रूप है। इसका अर्थ होता है- ‘कुछ समय के लिए’। प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति राष्ट्रपति करता है और इसकी नियुक्ति आमतौर पर तब तक के लिए होती है जब तक लोकसभा अपना स्थायी अध्यक्ष (स्पीकर) नहीं चुन लेती। प्रोटेम स्पीकर नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलवाता है और शपथ ग्रहण का पूरा कार्यक्रम इन्हीं की देखरेख में होता है।

आमतौर पर, सदन के सबसे वरिष्ठ सदस्य को प्रोटेम स्पीकर के रूप में चुना जाता है, जिसका काम नव-निर्वाचित सदस्यों और सदन के नियमित अध्यक्ष के चुनाव के बाद शपथ दिलाना है। अध्यक्ष के चुनाव के बाद राष्ट्रपति संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रूप से संबोधित करते हैं।

17 जून को लोकसभा का पहला सत्र शुरू होगा, उसी दिन वीरेंद्र कुमार को राष्ट्रपति भवन में पद की शपथ दिलाई जाएगी। पहले दो दिन, नए सांसद शपथ लेंगे। 17 वीं लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव 19 जून को होना है।

वीरेंद्र कुमार 1996 में पहली बार 11 वीं लोकसभा के लिए चुने गए और श्रम और कल्याण विभाग में स्थायी समिति के सदस्य बने। बाद में उन्हें लगातार 12 वीं, 13 वीं, 14 वीं, 15 वीं, 16 वीं और 17 वीं लोकसभा के लिए फिर से चुना गया। उन्होंने विभिन्न समितियों के सदस्य और अध्यक्ष के रूप में कार्य किया हैं।

वह सितंबर, 2017 और मई, 2019 के बीच केंद्रीय महिला और बाल विकास और अल्पसंख्यक मामलों के राज्य मंत्री भी थे।

बाल श्रम में पीएचडी रखने वाले कुमार ने 1977 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी, जब वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (A.B.V.P), जिला सागर, मध्य प्रदेश के संयोजक बने।

वीरेंद्र कुमार शुरुआत से ही आरएसएस से जुड़े थे और आपातकाल लगाने के विरोध में आंतरिक सुरक्षा अधिनियम (MISA) के तहत 16 महीने की जेल की सजा भी काट चुके है।