देख लो, आँख मिलाकर बात करने की ताकत: आज भारत रूस अमेरिका दोनो से साफ बात करता है

मोदी सरकार के 8 साल अभी सत्ता में रहते हुए हुए है लेकिन अगर सबसे ज्यादा बदलवा इस 8 सालों में देखने को मिला है तो वो है दुनिया का भारत को देखने का नजरिया। आज दुनिया ना केवल भारत को सम्मान से देख रहा है बल्कि भारत की बातो पर अमल भी कर रहा है। ये सब अगर हुआ है तो वो है भारत की आंख मिलकर दूसरे देशों के साथ बातचीत करने की कूटनीति के चलते जिसका असर रूस यूक्रेन जंग के बीच खूब देखा गया है। जहां एक ओर भारत अमेरिका को खरी खरी सुनाता है तो रूस की भी गलती पर उसे फटकार लगाने में पीछे नही रहता।

यूक्रेन के बूचा’ में नागरिक हत्याओं पर यूएन में भारत ने की निंदा

यूक्रेन के हालात पर अब तक के अपने सबसे कड़े बयान सामने आया है। सुरक्षा परिषद में भारत ने  ‘बूचा’ में नागरिक हत्याओं की हालिया रिपोर्टें पर बोलते हुए इसे परेशान करने वाली बताया। हम इन हत्याओं की स्पष्ट रूप से निंदा करते हैं। भारत ने बिना रूस का नाम लिए सबसे कड़ी टिप्पणी इस जंग के दौरान की है। ये साफ दर्शाता है कि भारत अब खुलकर बोलता है और मनावता के साथ खड़ा रहता है। फिर उसे अपने सबसे खास दोस्त के खिलाफ ही क्यो ना बोलना पड़े। भारत ने रूस का नाम न लेकर तटस्थता की बारीक रेखा का विस्तार किया। उन्होंने कहा, भारत लगातार बिगड़ती स्थिति पर गहराई से चिंतित है और हिंसा को तत्काल समाप्त करने और शत्रुता को समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराता है।

कच्चे तेल को खरीदने को लेकर भारत स्वतंत्र

कच्चे तेल की खरीद को लेकर भारत ने अमेरिका सहित पश्चिम देसों को साफ कर दिया है कि वो इस मामले में पूरी तरह से स्वतंत्र है और भारत की विदेश नीति में किसी देश का हस्ताक्षेप नही सहेगा। भारत अपने हित में फैसला लेकर तेल खरीदेगा। ये बात भारत ने साफ कर दिया है। वो अब अपना फैसला किसी के दबाव में नही लेता है फिर वो देश कोई भी क्यो ना।

8 साल में भारत कितना बदला है उसका ये ताजा उदाहरण है जो ये बता रहा है कि भारत दुनिया में अब एक शक्तिशाली देश बनकर उभर रहा है।