स्पीकर ओम बिड़ला की अध्यक्षता में लोकसभा ने रचा इतिहास, प्रश्नकाल में पूछे गए सभी 20 प्रश्नों के मिले मौखिक उत्तर

Lok Sabha created history under the chairmanship of Speaker Om Birla

लोकसभा ने बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान पूछे गए सभी 20 प्रश्नों का पूरक प्रश्न सहित मौखिक उत्तर दिया गया।

बुधवार को सदन की बैठक शुरू होते ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदस्यों को बिना भूमिका के सीधे अपना सवाल पूछने और संबंधित मंत्री को संक्षिप्त और स्पष्ट जवाब देने के लिए कहा। तत्पश्चात् सदस्यों ने भी अपने सवालों को बिना लाग-लपेट के पूछा और मंत्रियों ने भी संक्षिप्त जवाब देकर सदस्यों को संतुष्ट करने का प्रयास किया।

प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही स्पीकर ने जिस तेजी से पहले पांच प्रश्नों के जवाब मंत्रियों से दिलवाए उसके बाद ही सभी प्रश्नों के जवाब हासिल होने की संभावना बनी। ठीक 12 बजे अंतिम 20वां प्रश्न पूछा गया। सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्षी सदस्यों ने भी मेजें थपाथपा कर इस रिकॉर्ड का स्वागत किया।

प्रश्नकाल पूरा होने पर अध्यक्ष ओम बिरला और संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सदन को बधाई दी। बिरला ने कहा कि वह सभी सदस्यों और सभी मंत्रीगणों को उनके सहयोग के लिए बधाई। सदन में सभी 20 प्रश्नों के मौखिक जवाब उनके सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकते थे।

उन्होंने कहा, “मैं कोशिश करुंगा कि सदस्य पूरा पूरा प्रश्न पूछें और मंत्री संक्षिप्त एवं सही जवाब दें।” उन्होंने कहा कि प्रश्नकाल में सभी 20 प्रश्न पूरे होने के लिए सभी बधाई के पात्र हैं। सदन शांतिपूर्वक चला इसके लिए वह सभी का आभार व्यक्त करते हैं। संसदीय कार्य मंत्री जोशी ने कहा कि वह सदन की ओर से सभी 20 प्रश्न पूछने एवं उत्तर प्राप्त करने का मौका दिये जाने एवं सदन के कुशलता पूर्वक संचालन के लिए अध्यक्ष ओम बिरला को भी धन्यवाद एवं बधाई देते हैं।

प्रश्न संख्या 121 से प्रश्न संख्या 140 तक प्रधानमंत्री कार्यालय, कोयला, वाणिज्य एवं उद्योग, संचार, रक्षा, इलैक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रोद्यौगिकी, विदेश, विधि एवं न्याय, खान, कार्मिक, लोकशिकायत एवं पेंशन, रेलवे, अंतरिक्ष तथा सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन से संबंधित थे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कोयला मंत्री प्रह्लाद जोशी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, रक्षा राज्य मंत्री श्रीपद यशोनाईक, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्री राव इंद्रजीत सिंह, विधि एवं न्याय और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री संजय धोत्रे, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री डॉ. जितेन्द्र सिंह, रेल राज्य मंत्री सुरेश सी अंगड़ी और वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री सोम प्रकाश ने प्रश्नों के जवाब दिये।

लोकसभा के इस शीतकाल सत्र में सिर्फ सोमवार को एक दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी जब कांग्रेस सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके तथा मार्शलों के बीच धक्कामुक्की की स्थिति बन गयी थी।

Meenakshi lekhi in question hour

किसने पूछा क्या सवाल :-

 मीनाक्षी लेखी ने कोयला उत्पादन में कमी के कारणों का सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या इसका असर बिजली उत्पादन पर पड़ेगा?
 हरीश द्विवेदी ने सेना में भर्ती से जुड़ा मुद्दा उठाया औ पूछा कि क्या सेना में भर्ती राज्यों की जनसंख्या के आधार पर की जाती है? उन्होंने यह भी जानना चाहा कि यह नियम कब से चला आ रहा है?
 कृपाल बालाजी तुमाने ने इंटरनेट पर सवाल पूछा कि देश के कितने गांव और ग्रामीण इंटरनेट व ब्रॉडबैंड सेवा से वंचित हैं? इसके क्या कारण हैं?
 डीके सुरेश/नलिन कुमार कटील का सवाल था कि क्या रेलवे की भर्ती परीक्षाओं में कन्नड़ सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के प्रयोग के लिए कोई अभ्यावेदन आया है?
 दिल्‍‍‍‍ली से सांसद मनोज तिवारी ने यमुना में रेत खनन को प्रतिबंधित करने के बारे में सवाल किया और पूछा कि क्या् ऐसा कोई प्रस्ता्व सरकार के पास है? अगर नहीं तो इसके क्या कारण हैं?
 शशि थरूर का सवाल था कि राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय बनाने के लिए राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) का केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) में विलय की क्या स्थिति है?
 धर्मवीर सिंह ने रेल मंत्रालय से पूछा कि क्या दिल्ली-रेवाड़ी रेल लाइन पर यातायात दबाव से निपटने के लिए अधिक ट्रेन चलाने को सिग्नलिंग प्रणाली में सुधार के कोई कदम उठाए हैं?
 गोपाल शेट्टी ने जानना चाहा कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान भारत के खिलाफ जो दुष्प्रचार कर रहा है उसकी क्या अंतरराष्ट्रीय समुदाय भर्त्सना कर रहा है?
 साजदा अहमद का सवाल था कि क्या सरकार ने रक्षा अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी की स्थापना कर ली है? क्या भारत ने अपने उपग्रहों को दुश्मन के हमले से बचाने की क्षमता विकसित कर ली है?
 विनोद कुमार सोनकर ने पूछा कि क्या भारत में ‘एक देश, एक मतदाता सूची’ तैयार करने के लिए सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?