गुजरात मतदान: 52 साल का रिकॉर्ड टूटा

गुजरात में लोगों ने जमकर वोट डाला है| इस बात में कोई शक नहीं है की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी की लोकप्रियता दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रही है, चाहें वो अपना स्वदेश हो या विदेश| पिछले पांच सालों में नरेन्द्र मोदी को कई सम्मान मिला, जो की दुनिया के किसी भी प्रधानमंत्री को मिलना इतना आसान नही होता| पिछले दिनों उनके इंटरव्यू में हमने उनके निजी ज़िन्दगी के बारे में जाना, जो की काफी दिल्चप्पस था| ख़ैर अभी लोकसभा का चुनाव चल रहा है| कुछ दिन पहले तीसरे चरण का चुनाव ख़त्म हुआ है| तीसरे चरण में 117 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो चुकी है| चुनाव खतम होने के बाद चुनाव आयोग ने सारे राज्यों, जहां वोटिंग डाली गयी थी उसका वोटिंग परसेंटेज बताया| आंकड़ा आने के बाद सब के सब चौक गये क्योंकी नरेन्द्र मोदी का गढ़ यानी गुजरात में इस लोकसभा चुनाव में बम्पर वोटिंग हुई है|

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लोकसभा चुनाव में तीन चरणों की वोटिंग पूरी हो चुकी है। कुल 303 सीटों पर नतीजे लॉक हो चुके हैं। इसबार लोकसभा चुनाव के पहले तीन चरण की वोटिंग कमोबेश 2014 के चुनाव के जैसे ही हैं। हालांकि गुजरात में 17वीं लोकसभा के लिए 23 अप्रैल को हुए तीसरे चरण के मतदान ने तो पिछले 52 साल का रेकॉर्ड ही तोड़ दिया। इस बार 64.11 प्रतिशत वोटिंग हुई, जबकि इससे पहले 1967 में हुए आम चुनावों में 63.77 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। यहां तक कि 2014 की ‘नरेंद्र मोदी’ लहर में भी 63.6 प्रतिशत मतदान हुआ था। चुनाव आयोग ने बुधवार को आंकड़े जारी करके बताया कि 23 अप्रैल को 4.51 करोड़ वोटरों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। बता दें कि पहले चरण में 11 अप्रैल को 91 सीटों पर करीब 60 फीसदी वोटिंग हुई थी। वहीं दूसरे चरण में 95 सीटों पर करीब 68 प्रतिशत मतदान हुआ था। तीसरे चरण में 117 सीटों पर 65% वोटिंग हुई थी।

हालांकि ये कहना जल्दबाजी होगी की इसका फायदा भाजपा को होगा लेकिन हम सभी जानते हैं की पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा ने किसी भी पार्टी का खाता तक नही खुलने नही दिया| जी हाँ पिछले लोकसभा में भाजपा में 26 में से 26 सीट पर जीत दर्ज की थी|

गांधीनगर और अहमदाबाद

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गांधीनगर से बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने चुनाव लड़ रहें हैं और यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना वोट डाला था। यहां 2014 के ही समान वोटिंग प्रतिशत 65.57 रहा। अहमदाबाद पूर्व और अहमदाबाद पश्चिम निर्वाचन क्षेत्रों में इस बार वोटिंग में कमी देखी गई। अहमदाबाद पूर्व में 2014 के 61.59 प्रतिशत की जगह 61.32 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि अहमदाबाद में यह 60.37 प्रतिशत रहा, यहां 2014 में 62.93 प्रतिशत वोटिंग हुई थी

महिलाओं ने जमकर वोट डाला

आमतौर पर देखा जाता है कि महिलाएं वोट डालने बाहर नही आती हैं| लेकिन गुजरात की महिलाओं ने इस बात का जवाब अपना वोट डाल कर दिया है और दुसरे राज्यों के लिए प्रेरणा भी बनी है| आपको बात दें कि पिछले लोकसभा चुनावों की तुलना करें तो पाएंगे कि 2019 में 1.49 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने वोट किया। सबसे अधिक महिला वोटर (74.55प्रतिशत) वलसाड में रहीं, जबकि सबसे कम पोरबंदर में (51.47प्रतिशत)।

2014 के लोकसभा के चुनावों में भी सबसे कम महिला वोटिंग पोरबंदर (45.91 प्रतिशत) और सबसे अधिक वलसाड (73.02 प्रतिशत) में ही रही थी। दिलचस्‍प तौर पर इस बार पोरबंदर में पिछली बार की तुलना में 5.5 प्रतिशत अधिक महिलाओं ने वोटिंग की।

इस बार कुल वोटिंग प्रतिशत 64.59 प्रतिशत में सबसे अधिक महिला वोटिंग (59.84 प्रतिशत) बनासकांठा में हुई। 2014 में यहां महज 51.63 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाला था।

अब देखना दिलचस्प होगा की क्या भाजपा फिर से ये इतिहास लिख पाएगी| अगर लोगों की माने तो उन्होंने आपना वोट मोदी यानी भाजपा को दिया है और उनकी यही चाह है की फिर से देश का नेतृत्व मोदी ही करें|