WHO के दूत ने कहा, लॉकडाउन लगाना दूर की सोच

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प्रधानमंत्री मोदी अपनी दूरदर्शी सोच के लिये जाने जाते हैं | पूरी दुनिया उनकी बुद्धिमता का लोहा मानती है | अपनी इसी दूरदर्शी सोच का परिचय देते हुए प्रधानमंत्री ने कोरोना की समस्या से निजात पाने के लिये देश मे काफी पहले ही लॉकडाउन लगाने का निर्णय ले लिया था | उनके इस फैसले का काफी विरोध भी हुआ था | पर आज के नतीजे बताते हैं कि प्रधानमंत्री का वह निर्णय देश के हित मे रहा |

कोरोना वायरस (Coronavirus) के संक्रमण को रोकने के लिए मोदी सरकार ने पिछले महीने पूरे देश में 21 दिनों का लॉकडाउन लागू किया | सरकार के इस फैसले की विपक्षी दलों ने आलोचना भी की | कहा गया कि सरकार ने बिना किसी तैयारी के लॉकडाउन का ऐलान कर दिया |

हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के विशेष दूत डॉक्टर डेविड नाबरो इस लोकप्रिय विचार से इत्तेफाक नही रखते | उनके अनुसार यह एक सोचा समझा व साहसिक कदम था | इसके कारण ही भारत आज पूरी दुनिया मे कोरोना से लड़ने मे सबसे सफल देशों मे एक है | बाद मे बाकी सारे देशों ने भी भारत कि राह पर चलते हुए लॉकडाउन किया | पर तब तक देर हो चुकी थी, वायरस लगभग फ़ैल चूका था |

भारत का अच्छा कदम

डेविड नाबरो ने कहा, ‘भारत में लॉकडाउन को काफी जल्दी लागू किया गया | ये तब अमल में लाया गया, जब यहां कोरोना के काफी कम मामले थे | निश्चित तौर पर ये भारत का दूरदर्शी फैसला था | इस फैसले से लोगों को इसके खतरे के बारे में ठीक से पता लग जाएगा | ऐसे में इसे स्थानीय स्तर पर रोकने में मदद मिलेगी | ये बात सही है कि कई लोग इस फैसले की आलोचना कर रहे हैं | ये सरकार का साहसिक कदम है | मजदूरों को काफी दिक्तत हो रही है | लेकिन अगर देर से लॉकडाउन होता तो कई लोगों की जान जा सकती थी साथ ही ये बड़े स्तर पर फैल सकता था |’

कई देशो ने लॉकडाउन का पालन नहीं किया

डेविड नाबरो ने कहा कि तीन हफ्ते का लॉकडाउन बिल्कुल सही रणनीति है | नाबरो का ये भी मानना है कि कई देशों में लॉकडाउन का सही तरीके से पालन नहीं किया गया | उनका इशारा यूरोप और अमेरिका की तरफ था | यहां हर दिन हज़ारों लोगों की जान जा रही है | अमेरिका में तो पिछले 24 घंटे में 1480 लोगों की जान जा चुकी है |

क्या खत्म होगा ये वारस?

उनका ये भी मानना है कि आने वाले दिनों में इस खतरनाक वायरस का संक्रमण खत्म नहीं होने वाला है | नाबरो के मुताबिक अभी इस वायरस के बारे में कुछ भी नहीं कहा जा सकता है | उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं पता की गर्मी के दिनों में क्या होगा | ये वायरस अभी सिर्फ 4 महीने पुराना है | मैं देखना चाहुंगा की भारत में गर्मी के मौसम में किस तरह के हालात होते हैं | क्या ये कम होंगे, या फिर इसमें ज्यादा बदलाव नहीं आएगा |’


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