सही वक्त पर सही फैसले लेकर, कोरोना की स्पीड पर लगाया ब्रेक

सही वक्त पर सही फैसले लेकर, कोरोना की स्पीड पर लगाया ब्रेक   

कोरोना वायरस, इस माहामारी से निपटने में आज विश्व बेबस दिख रहा है, लेकिन जिस तरह से भारत ने इसकी स्पीड पर ब्रेक लगाने की कोशिश की उसकी तारीफ जरूर विश्व में हो रही है, पर क्या आप ने सोचा है? कि वो कौन से तीन फैसले थे, जिसके चलते ऐसा हुआ है। खुद पीएम नरेंद्र मोदी ने  लॉकडाउन बढ़ाने के ऐलान के साथ इन तीन फैसलों का भी जिक्र किया। 

अगर हम ये बोले कि सीमित संसाधनों के बाद अगर भारत में बेहतर स्थिति है, तो इसके लिए समय से लिए गए अहम फैसलों का बड़ा रोल है, तो गलत नहीं होगा। किस तरह भारत ने दुनिया के ज्यादातर देशों के मुकाबले सही वक्त पर बड़े फैसले लेकर वायरस के फैलाव को रोका है खासकर 3 कदम ऐसे थे, जो बाकी देशों से अलग थे। ये तीनों ही कदम कोरोना के खिलाफ कवचजैसे साबित हुए।  

स्क्रीनिंग का फैसला 

जी हां बहुत लोग आज ये सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर सरकार ने बाहर से लोगों को आने क्यों दिया जिससे देश में कोरोना फैल गया तो ये बता दे कि जो लोग देश लाये गये हैं वो भी अपने ही भाई है। हालाकि सरकार ने जब देश के भीतर एक भी केस कोरोना का नही था तब से ही प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग शुरू कर दी थी। दूसरी तरफ उस वक्त अमेरिका और कई यूरोपीय देशों में इस तरह के कदम उठाने की कोई चर्चा तक नहीं थी। वे काफी बाद में इस तरह के कदम उठाए। इसी कदम के चलते आज भारत में कोरोना पैर पसारने में दूसरे देशों की तुलना में धीमा रहा।

विदेश से भारत आये लोगों को किया आइसोलेट

वही दूसरा अहम फैसला मोदी सरकार ने ये लिया कि विदेश से जितने भी लोग आये थे उनका एक डाटा तैयार किया गया साथ ही 14 दिन इन लोगों को आइसोलेशन में भी रखा गया। खासकर कोरोना प्रभावित देशों से आने वालों को लेकर इसका सख्ती से पालन किया गया। वहीं देश में लोगों को जागरूक किया गया कि वो मुंह पर मास्क लगाये साथ ही सेनेटाइजर का ज्यादा से ज्यादा प्रयोग करें वही हाथ धोने के बारे में लोगो को जागरूक किया गया जिससे देश में महामारी की स्पीड मंद रही।

 

 लॉकडाउन बना सबसे बड़ा हथियार 

इसके साथ-साथ जैसे ही सरकार को लगा कि देस में कोरोना के मामले पैर पसार रहे हैं वैसे ही देश में लॉकडाउन की घोषणा कर दी गई। हालाकि ये एक कठिन फैसला था क्योंकि इससे देश की आर्थिक स्थिति और ज्यादा खराब होने वाली थी लेकिन पीएम मोदी ने लॉकडाउन लगाते वक्त साफ बोला था कि जान है तो जहान है और इसी थ्योरी के साथ देश में तालाबंदी की गई थी। जिसका असर ये है कि अभी कोरना के मामले भारत में महज 10 हजार के पार हुए हैं। वरना कई रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है कि अगर ऐसा नहीं होता तो मामले लाखों में होते।

इसके अलावा कई जगहों पर मॉल , थिएटर , क्लब , जिम  बंद किए जा चुके थे। पीएम मोदी ने इस कदम को वायरस को फैलने से रोकने में बहुत ही कारगर बताया। उन्होंने कहा कि संक्रमण को सीमित रखने में इन फैसलों ने अहम रोल अदा किया था। बहरहाल अगर ये कहा जाये कि हम आधा युध्द कोरोना से जीत चुके हैं तो गलत नही होगा लेकिन पूरी तरह से विजय पताका फैहराने के लिये हमे 3 मई तक लॉकडाउन का पूरी तरह से समर्थन करना होगा तो दूसरी तरफ ये भी देखना होगा कि कोई इस नियम को न तोड़े जिससे आने वाले दिनों में अब कोरोना को मात देकर ये दिखा सकें कि जो हमसे टकराएगा वह चूर चूर हो जाएगा।