कोर्ट की तो सुनो शाहीन बाग के हठधर्मियों

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मौलिक अधिकार के नाम पर जिस तरह से हठधर्मी शाहीन बाग में देखी जा रही है। उससे कोर्ट ने भी नजायज ही माना है। कोर्ट का कहना है कि मौलिक अधिकार के तहत धरना देने का हक तो है लेकिन सड़क को घेरकर धरना देना ठीक बात नही। इसके बाद संविधान को हाथ में लेकर धरना देने वालो को थोड़ी भी शर्म बची हुई है तो उन्हे धरने से खुद ब खुद हट जाना चाहिये।

आम लोगो को परेशान करना बंद करो

65 दिनों से ज्यादा का वक्त बीत चुका है लेकिन शाहीन बाग इलाके की दुकाने आज भी बंद है, दफ्तर जाने वाले हो या अस्पताल जाने वाले मरीज सभी इस सड़क के बंद होने से परेशान हो रहे है। लेकिन धरना की सियासत करने वाले टस से मस होने को तैयार नही है। मजे की बात ये है कि ये धरना देने वाले सिर्फ सियासी गफलत के चलते ही धरना दे रहे है और कुछ सियासतदान अपने फायदे के लिये इनका इस्तेमाल भरपूर तरीके से कर रहे है। आलम ये है कि देश के सबसे बड़े न्यायलय के कहने के बाद भी ये लोग इस बात को नही मान रहे है कि वो सिर्फ आम लोगो को परेशान करने में जुटे है. कोर्ट की माने तो कोर्ट ने साफ कर दिया है कि मौलिक अधिकार की आड में सड़क को घेरकर रखना ठीक बात नही है. इतना ही नही कोर्ट ने साफ किया कि अगर आप को सरकार की कोई बात ठीक नही लग रही है। तो आप धरना दे सकते है लेकिन ऐसी जगह धरना दे जिससे आम लोगो को परेशानी न हो। ऐसे में अब तो शाहीन बाग के लोगो को तुरंत धरना छोड़कर ये दिखा देना चाहिये कि वो कोर्ट का सम्मान करते है।

पीएम का दो टूक जवाब

PM MODI

CAA पर बेवजह हंगामा करने वालो को पीएम मोदी ने कई मंच से कह चुके है कि इस कानून से देश के एक वर्ग को किसी भी तरह का नुकसान नही होगा। इस बयान के बाद भी कुछ जगाहों पर प्रदर्शन आज भी जारी है उसमे एक जगह शाहीन बाग भी है। लेकिन पीएम ने अब अपना रूख साफ कर दिया है। कि वो CAA को लेकर न पीछे हटेंगे और न ही इसमे कोई बदलाव करेगे। इससे साफ हो चुका है कि पीएम मोदी की सोच इस मसले पर एक भी कदम पीछे हटने को तैयार नही है।

धऱना स्थल पर अब भीड़ होने लगी नदारद

दूसरी तरफ अब शाहीन बाग में धरना देने वालो की भीड़ भी हल्की होने लगी है. इससे कही न कही ये साफ हो रहा है कि अब कुछ लोग इस धरने को सही नही मान रहे है। ऐसे में धरने में बैठे लोगों को हमारी यही सलह होगी कि वो अब इस लड़ाई को स्वाभिमान की लड़ाई न मानते और किसी के भ्रम में न आकर अपना अगला कदम उठाये क्योकि ये तो तय है कि इस हठधर्मिता का कोई हल नहीं निकलने वाला है।

 


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