त्रेतायुगकी तरह सजेगी आयोध्या कलयुग में

बंदनवार पताका केतू। सबन्हि बनाए मंगल हेतू।।1।।

बीथीं सकल सुगंध सिंचाई। गजमनि रचि बहु चौक पुराईं।।

नाना भाँति सुमंगल साजे। हरषि नगर निसान बहु बाजे।।2।।

जब त्रेतायुग मे राम चन्द्र जी अयोध्या पहुंचे तो किस तरह से उनका स्वागत किया गया इसका मर्म आप तुलसीदास की इन चौपाइयो से समझ सकते है लेकिन अगर कलयुग मे वही मंजर देखने को मिल जाये तो आप यही कहेगे कि आप का जन्म धन्य हो गया। लेकिन इस बार अयोध्या मे कुछ इसी तरह से ही दिवाली बनाई जायेगी। अयोध्या को दुलहन की तरह सजाया जायेगा। इसके लिये सरकार ने तैयारी भी कर ली है.। इस बार आयोध्या को 3 लाखा दिपकों से सजाया जायेगा  तो लाइट शो और संगीत के कार्यक्रम भी रहे गये है। इतना ही नही तीन दिन तक चलने वाले इस शो मे देश ही नही  विदेश के भी कलाकार भाग लेगे।

तीन दिन तक चलने वाले इस भव्य कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये योगी सरकार ने भी तैयारी कर रखी है और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति और उनकी पत्नी किम जुग शूख इस कार्यक्रम की मुख्य अतिथी होगी।

सरजू नदी पर विशेष आरती का भी इंतजाम किया गया है। पिछले साल जहां इस दीपोत्सव मे 1लाख 43 हजार दीपक जलाये गये थे तो इसबार 3 लाख दीपक जलाकर नया कीर्तीमान बनाया जायेगा।

यानी कि तीन दिन तक चलने वाले इस दीपोत्सव मे एक बार फिर से धरतीपर अयोध्या वैसे ही दिखेगी जिस तरह का वर्णन तुलसीदास जी ने इस चौपाई मे किया था।

 

अवधपुरी अति रुचिर बनाई। देवन्ह सुमन बृष्टि झरि लाई।।

राम कहा सेवकन्ह बुलाई। प्रथम सखन्ह अन्हवावहु जाई।।1।।

ऐसे मे हम तो यही कहेगे कि अगर आप दिवाली के वक्त आपका कोई खास कार्यक्रम न हो तो अयोध्या जाने का कार्यक्रम बना लीजिये क्योंकि वहां इस बार ऐसी दिवाली मनाई जायेगी जो सिर्फ सतयुग मे ही मनाई गई थी।