कोरोना की दूसरी लहर की तरह इस बार ना हो कोई कोताही, पीएम ने इस लिये अधिकारियों को दिया सख्त आदेश!

एकबार फिर से कोरोना ने देश में दस्तक दे दी है लेकिन इस बार कोरोना भयानक रूप अख्तियार करे इससे पहले ही पीएम मोदी ने सभी अधिकारियों के साथ एक बैठक करी और सभी अधिकारियों को टाइट करते हुए बोला है कि इस बार बिलकुल भी कोताही नहीं होनी चाहिये।

कोरोना को लेकर कोताही नहीं होगी बर्दाश्त

देश में कोरोना के बढ़ते खतरे के बीच पीएम मोदी ने हाईलेवल मीटिंग की और अब इस मीटिंग से जुड़ा राज बाहर आ रहा है। चुनावी राज्यों समेत मुंबई और दिल्ली को लेकर पीएम सबसे ज्यादा संजीदा हैं और उन्होंने केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी हर एजेंसी और अधिकारी को अल्टीमेटम दे दिया है कि इस दफा जरा भी शिथिलता बर्दाश्त नहीं होगी। किसी भी कीमत पर देश नहीं रुकना चाहिए। गौरतलब है कि कोरोना की दूसरी लहर से देश में बहुत बुरी स्थिति खड़ी हो गई थी हालांकि इस बार सरकार ने पहले ही कमर कस ली है जिससे इससे मुकाबला किया जाये।

पीएम मोदी ने किये बड़े तीन एलान

15 से 18 साल के किशोरों के लिए देश में वैक्सीनेशन शुरू होगा। सोमवार 3 जनवरी 2022 से इसकी शुरुआत होगी। यह फैसला कोरोना के खिलाफ देश की लड़ाई को तो मजबूत करेगा ही, स्कूल-कॉलेजों में जा रहे हमारे बच्चों और उनके माता-पिता की चिंता को भी कम करेगा।

हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स का देश को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ा योगदान है। वे आज भी कोरोना के मरीजों की सेवा में अपना बहुत समय बिताते हैं। इसलिए एहतियात की नजर से सरकार ने निर्णय लिया है कि हेल्थकेयर और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन की एहतियाती खुराक देना भी शुरू की जाए। इसकी शुरुआत सोमवार 10 जनवरी 2022 से होगी।

अब तक का अनुभव है कि जो अधिक आयु वाले हैं और जो पहले से किसी न किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। 60 साल से ऊपर की आयु के गंभीर रोगियों को उनके डॉक्टर की सलाह पर वैक्सीन की एहतियाती खुराक का विकल्प उपलब्ध होगा। यह भी 10 जनवरी से शुरू होगा।

 

एक तरफ जहां पीएम मोदी ने आला अधिकारियों से बैठक करके ये साबित कर दिया कि सरकार कोरोना को हराने के लिये दिन रात जुटी हुई है तो दूसरी तरफ देश में अर्थ व्यवस्था को फिर से ब्रेक ना लगे इसलिये अफसरों को भी टाइट कर दिया गया है। यानी जो ये बोलते है कि कोरोना को लेकर मोदी जी कुछ नही कर रहे है वो ये देख ले कि केवल मोदी जी ही लगातार कोरोना को हराने में लगे हैं।