कोरोना की तरह अब मोदी जी ने क्लाइमेट चेंज को लेकर वैज्ञानिकों को चेताया

कोरोना को लेकर पीएम मोदी लगातार सचेत करते रहे है कोई भी समारोह हो या फिर कार्यक्रम हर जगह पीएम दवाई भी और कढ़ाई भी का मंत्र देते रहे है यानी पीएम पर जो लोग ये आरोप लगाते है कि पीएम ने कोरोना को लेकर कोताही बरती तो वो पूरी तरह से गलत होगा। ऐसे ही अब पीएम आने वाली एक और समस्या से देश और दुनिया को सचेत कर रहे है और वो है क्लाइमेट चेंज का मुद्दा जिसे लेकर पीएम ने CSIR सोसाइटी की बैठक में सचेत करते हुए इस चुनौती से निपटने के लिये तैयार रहने की अपील की है।

भविष्य में जलवायु परिवर्तन बनेगी बड़ी चुनौती: पीएम

जिस तरह से दुनिया में जलवायु परिवर्तन देखा जा रहा है उसके लिये अभी से ही दुनिया के वैज्ञानिकों को सोचना चाहिये। यानी पीएम मोदी अभी से भविष्य में आने वाली चुनौती के बारे में लोगो को सचेत भी कर रहे है और उसका हल निकालने पर जोर भी दे रहे है जो ये बताता है कि पीएम मोदी कहां तक सोचते है और ना केवल सोचते है बल्कि इस बारे में अभी से कदम उठाने के लिये देश के वैज्ञानिकों को तैयार रहने के लिये भी बोल रहे है वैसे भी विश्व के जितने भी बड़े मंच है वहां पर पीएम मोदी जलवायु परिवर्तन को लेकर सचेत करते रहे है। यहां तक भारत और अमेरिका मिल कर इस परेशानी से निपटने के लिये जुट भी गये है। दोनो देशों ने पानी की बचत सौर ऊर्जा पर जोर और धरती का दोहन कम करने को लेकर कार्य भी कर रहे है जिससे तेजी से हो रहा ये परिवर्तन रुक सके लेकिन अभी पीएम मोदी की बात देश में कोई नहीं सुन रहा है और जब इशको लेकर मुसीबत खड़ी होगी तो यही बोला जायेगा कि पीएम आखिर कर क्या रहे थे जैसे कोरोना की दूसरी लहर में बोला जा रहा है लेकिन पीएम मोदी ने जिस तरह कोरोना के लिए काम कर रहे थे ठीक उसी तरह जलवायु परिवर्तन के लिये भी काम करने में जुटे है।

आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहता है भारत

पीएम मोदी ने आगे बोला ‘आज भारत सतत विकास और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में दुनिया को रास्ता दिखा रहा है। हम सॉफ्टवेयर से लेकर सैटेलाइट तक, दूसरे देशों के विकास को भी गति दे रहे हैं और दुनिया के विकास में प्रमुख इंजन की भूमिका निभा रहे हैं। आज भारत एग्रीकल्चर से एस्ट्रॉनॉमी तक, वैक्सीन से वर्चुअल रियलिटी तक, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर बैटरी टेक्नोलॉजी तक, हर दिशा में आत्मनिर्भर और सशक्त बनना चाहता है। कोरोना के इस संकट ने रफ्तार भले कुछ धीमी की है, लेकिन आज भी हमारा संकल्प है- आत्मनिर्भर भारत, सशक्त भारत’ का ही है। जिसके लिए हर भारतीय तेजी से काम कर रहा है। जिसका उदाहरण है देश में बनने वाले वैक्सीन है जो महज एक साल में हमारे वैज्ञानिको ने तैयार करके दिखा दिया कि ये नया भारत है जहां कुछ भी संभव है और इसके लिये देश के वैज्ञानिकों की कितनी भी तारीफ की जाये तो कम है।

इससे पता चलता है कि पीएम मोदी भारत ही नहीं समूची विश्व के कल्याण के बारे में सोचते है तभी वो पहले जैसे विश्व क आंतकवाद से आगाह करते आये थे ठीक उसी तरह अब जलवायु परिवर्तन को लेकर सजग कर रहे है। लेकिन कुछ लोग अभी इस बात को नहीं मानेगे और जब स्थिति बिगड़ जायेगी तो दोष सरकार पर लगाना शुरू कर देंगे।