नये साल में नया भारत बनाने का लेंगे हम सब ये प्रण

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साल 2020 के आगाज में अब कुछ घंटे ही बचे है, सब तरफ जश्न की तैयारी पूरी हो चुकी है, ऐसे में पुरानी बातों को भूलकर हम कुछ नया करने की सोच रहे है। लेकिन क्या जो हम सोच रहे है उसमें देश हित के लिये भी हमने कुछ सोचा है अगर नही तो फिर कुछ जरूर हम इसपर भी विचार करे, क्योकि जैसा हमारे जननायक पीएम मोदी जी कहते है, कि अगर देश के 130 करोड़ लोग देश के विकास के लिये एक कदम चलता है, तो देश 130 करोड़ कदम आगे निकल जाता है। पीएम मोदी के इसी सपने को सच करने के लिये हमें नये साल में देश को नया बनाने के लिये कुछ न कुछ प्रण लेना चाहिये। जो देशहित में हो..

भारत आज विश्व में सबसे युवा देश है और वो इसलिये क्योकि भारत में आज युवाओं की शक्ति सबसे ज्यादा है। ऐसे में हमारे देश के युवाओं को अपनी ऊर्जा देश के विकास में लगानी चाहिये। इसके लिये कुछ प्रण है जो हमें नये साल से लेना चाहिये।

पहला प्रण

देशहित में पहला प्रण हमें ये लेना चाहिये की देश में अमन बना रहे। सभी भाईचारे के साथ इस देश में रहे। इसलिये देश के भीतर और बाहर उन लोगों से हम सावधान रहेंगे, जो देश में माहौल खराब करने के लिये अफवाह फैलाते है। इस बाबत खुद पीएम मोदी ने भी हमे सजग करते हुए कहा था, कि सोशल मीडिया का रोल आज जीवन में बहुत है, बस इसका इस्तेमाल ठीक तरफ होना चाहिये। गलत इस्तेमाल का असर क्या होगा ये हमने हाल ही में हुई हिंसा के रूप में देखा है. ऐसे में हम पहला प्रण यही ले, कि साल 2020 में ही गलत भावना से फैलाई जाने वाली अफवाह के शिकार नही होंगे।

दूसरा प्रण

जिस तरह से हमारे देश के शहर हो या फिर गांव पर प्रदूषण की कालिमा छा रही है। ऐसे में हमें दूसरा प्रण ये लेना चाहिये कि किसी भी तरह का प्रदूषण न हम अपने आस पास होने देंगे और न ही करेंगे। अपने शहर गांव को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ बनायेंगे साथ ही पेड़ पौधे लगाकर शहर के साथ साथ धरा को भी हरा भरा बनाएगे। जिससे जलवायु परिवर्तन पर लगाम लगे और देश को प्रदूषण से मुक्ति भी मिले। वैसे सरकार तो इसके लिये कई तरह के प्रबंध करने में लगी हुई है लेकिन अगर नये साल में हम भी सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर इस अभियान में जुट जाये तो शायद 2020 में ही हम प्रदूषण को परास्त कर सकते है।

तीसरा प्रण

जल ही जीवन है इस बात को हम बचपन से सुनते आ रहे है लेकिन कभी इसकी बचत के लिए नही सोचा लेकिन भाई अब वक्त आ चुका है, कि हम इस तरफ भी विचार करे या यू कहे कि विचार ही नही बल्कि प्रण करे कि जल को बर्बाद नही होने देंगे। इसके लिये जल संचय के लिये खुद तो आगे आयेंगे ही और लोगों को भी इसके लिये जागरूक करेंगे। जिससे पानी की बर्बादी कम से कम हो सकें। साल 2019 में हमने कई जगह पानी की किल्लत की भयावर तस्वीर देखी थी। लेकिन आने वाले दिनो में ऐसी समस्या न हो इसके लिये सरकार ने तो युध्द स्तर पर काम भी करना शुरू कर दिया है. मोदी 2.0 में तो इसके लिये एक अलग मंत्रालय बना दिया गया है जो अटल जल योजना को भी लॉन्च कर दिया गया है जिससे देश में आने वाले दिनों में पानी की किल्लत न हो। लेकिन सरकार की ये मंशा तभी पूरी होगी जब हम सरकार के साथ प्रण लेगे और जल संचय के लिये काम करेंगे.

फिर आप खुद देखियेगा, कैसे देश साल 2020 में आसमान की बुलंदियों तक पहुंच जाता है। और विश्व में भारत की एक अलग पहचान बनती है। तो फिर ऐसा करने के लिये आप हमारे साथ प्रण ले रहे है न नया भारत बनाने के लिये …


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