भारत के बारे में जो अफवाहें फैलाई जा रही है उनका सच हम दुनिया को बतायें: मोदी

एक बार फिर से पीएम मोदी ने देश के खिलाफ अफवाह फैलाने वालो से सावधान और उनके खिलाफ सतर्क रहने की अपील करी है। पीएम मोदी ने साफ किया कि दुनिया में भारत के लिए एक अलग छवि पेश करने वाले को हमे हराना है। आज हम एक ऐसी व्यवस्था बना रहे हैं जिसमें भेदभाव की कोई जगह न हो, एक ऐसा समाज बना रहे हैं, जो समानता और सामाजिक न्याय की बुनियाद पर मजबूती से खड़ा हो। हम एक ऐसे भारत को उभरते देख रहे हैं, जिसकी सोच और अप्रोच नई है और जिसके निर्णय प्रगतिशील हैं और इसी नये भारत को हमे दुनिया के सामने दिखाना है।

संकल्प पूरे करने का समय

इस दौरान पीएम मोदी ने बोला, ‘अमृतकाल का ये समय, सोते हुए सपने देखने का नहीं बल्कि जागृत होकर अपने संकल्प पूरे करने का है। आने वाले 25 साल, परिश्रम की पराकाष्ठा, त्याग, तप-तपस्या के 25 वर्ष हैं। हमें ये भी मानना होगा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों में, हमारे समाज में, हमारे राष्ट्र में, एक बुराई सबके भीतर घर कर गई है। ये बुराई है, अपने कर्तव्यों से विमुख होना, अपने कर्तव्यों को सर्वोपरि न रखना। बीते 75 वर्षों में हमने सिर्फ अधिकारों की बात की, अधिकारों के लिए झगड़े, जूझे, समय खपाते रहे। अधिकार की बात, कुछ हद तक, कुछ समय के लिए, किसी एक परिस्थिति में सही हो सकती है लेकिन अपने कर्तव्यों को पूरी तरह भूल जाना, इस बात ने भारत को कमजोर रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है।’

महिलाओं का नये भारत में हो रहा सम्मान

‘दुनिया जब अंधकार के गहरे दौर में थी, महिलाओं को लेकर पुरानी सोच में जकड़ी थी, तब भारत मातृशक्ति की पूजा, देवी के रूप में करता था। हमारे यहां गार्गी, मैत्रेयी, अनुसूया, अरुंधति और मदालसा जैसी विदुषियां समाज को ज्ञान देती थीं। कठिनाइयों से भरे मध्यकाल में भी इस देश में पन्नाधाय और मीराबाई जैसी महान नारियां हुईं। अमृत महोत्सव में देश जिस स्वाधीनता संग्राम के इतिहास को याद कर रहा है, उसमें भी कितनी ही महिलाओं ने अपने बलिदान दिये हैं। कित्तूर की रानी चेनम्मा, मतंगिनी हाजरा, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई से लेकर सामाजिक क्षेत्र में अहल्याबाई होल्कर और सावित्रीबाई फुले तक, इन देवियों ने भारत की पहचान बनाए रखी। आज देश लाखों स्वाधीनता सेनानियों के साथ नारी शक्ति के योगदान को याद कर रहा है।’ इतना ही नही देश में महिलाओं का सम्मान भी आज तेजी से किया जा रहा है आज लोकसभा में सबसे ज्यादा महिला सांसद है तो कैबिनेट में भी महिलाओं की संख्या सबसे ज्यादा है जो ये बता रही है कि देश कि आधी आबादी को आज पूरा अधिकार दिया जा रहा है।

देश में सकारत्मक ऊर्जा का दौर आज देखा जा सकता है और इसी सोच को आज दुनिया को बताता है कि भारत तेजी से आगे कि सोच रहा है और आगे बढ़ रहा है। जिसमें गरीबों को सम्मान और मान दिया जा रहा है तो भय का माहौल भी देश से खत्म हो चुका है जो ये बता रहा है कि हिंदुस्तान अब पुराना हिंदुस्तान नहीं रहा जो सिर्फ नेगेटिव सोच में बंधा हुआ था।