भारतीय वायुसेना को मिली INS उदयगिरि और सूरत, जानें कैसे खास हैं ये स्वदेशी दो युद्धपोत

मुंबई में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मझगांव डॉक पर भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के स्वदेश निर्मित दो युद्धपोतों ‘सूरत’ और ‘उदयगिरी’ का मंगलवार को जलावतरण किया. मझगांव डॉक लिमिटेड (एमडीएल) ने एक बयान में बताया कि पहली बार स्वदेश निर्मित दो युद्धपोतों का जलावतरण किया गया है.एमडीएल, प्रमुख जहाज एवं पनडुब्बी निर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा कम्पनी है. इन दोनों जंगी जहाजों के शामिल होने पर भारत की समुद्री ताकत बढ़ जाएगी.

युद्धपोत INS उदयगिरी 17ए सीरीज का हिस्सा है. इसका नाम आंध्र प्रदेश की पर्वत श्रृंखला के नाम पर रखा गया है. यह इस सीरीज का तीसरा पोत है. इसमें बेहतर हथियार और सेंसर लगाए गए हैं. (फोटो-ट्विटर)

बता दें कि INS उदयगिरी सीरीज के युद्धपोत कई दशकों के लिए नौसेना के लिए काम कर रहे हैं. (फोटो-ट्विटर)

युद्धपोत आईएनएस सूरत 15बी प्रोग्राम के तहत बनने वाला चौथा और आखिरी पोत है. इसका वजन 7400 टन है और इसकी लंबाई 163 मीटर है. (फोटो-ट्विटर)

युद्धपोत आईएनएस सूरत 56 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल सकता है.

आईएनएस युद्धपोत पूरी तरह से स्वदेशी है और इसे मेक इन इंडिया के तहत तैयार किया गया है. इसमें अत्याधुनिक हथियार, सेंसर और प्लेटफॉर्म मैनेजमेंट सिस्टम भी लगाए गए हैं. नौसेना ने बताया कि जहाज ‘सूरत’, प्रोजेक्ट 15बी कार्यक्रम के तहत बनने वाला चौथा और अंतिम विध्वंसक पोत है, जिसमें रडार को चकमा देने की प्रणाली है. इन 15बी और पी17ए दोनों जहाजों का डिजाइन नौसेना डिजाइन निदेशालय द्वारा तैयार किया गया है.