जम्मू-कश्मीर के अवंतिपोरा में लश्कर का एरिया कमांडर उफैद फारूख साथी सहित ढेर

Lashkar's Area Commander Ufaid Farooq along with companions killed in Avantipora

विजयादशमी के दिन भारतीय सेना ने जम्मू और कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के साथ मिलकर से संयुक्त अभियान में आतंक का सफाया करने के अपने अभियान में, कल 8 अक्टूबर को अवंतीपोरा में रावणरूपी दो आतंकवादी को मार गिराया। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा बलों ने आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफिया सूचना मिलने के बाद मंगलवार सुबह पुलवामा जिले के अवंतीपोरा के बाहरी क्षेत्र में स्थित कवानी गांव में तलाश और घेराबंदी अभियान शुरू किया था। सुरक्षा बल के जवान जब एक विशेष क्षेत्र की तरफ जा रहे थे तब वहां छिपे आतंकी ने उन पर गोलीबारी की जिसके बाद सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ में आतंकी उफैद फारूक लोन उर्फ अबू मुस्लिम मारा गया। उसके पास से गोला बारूद बरामद किए गए हैं। दूसरा आतंकी अब्बास शाम को मारा गया।

जानकारी के अनुसार उफैद आतंकी बनने से पहले भी कई बार पत्थरबाजी के आरोप में पकड़ा गया था। वह लश्कर का ओवरग्राउंड वर्कर भी रह चुका है। करीब एक साल से उफैद ने त्राल, अवंतीपोरा, पुलवामा, पंथाचौक और पापोर में सुरक्षाबलों पर हुए लगभग सभी ग्रेनेड हमलों के लिए ग्रेनेड उपलब्ध कराए हैं। पुलिस के अनुसार, एक कॉलेज ड्रॉपआउट उफैद बीते 4 जुलाई 2018 को लापता हो गया था और सोशल मीडिया पर उसने एके-47 के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की थी। जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी।

लोन को हाल के ग्रेनेड हमलों में शामिल माना जाता था, इसके अलावा धारा 370 का उन्मूलन और तत्कालीन राज्य का विभाजन के बाद स्थानीय दुकानदारों और फल-उत्पादकों को धमकाने और परेशान करने के अलावा, अपनी दुकानों को फिर से खोलने और अपने कारोबार में लौटने से रोकता था।

पुलिस ने यह भी कहा कि यह आतंकी अन्य युवाओं को भी बहला-फुसलाकर आतंक का रास्ता चुनने के लिए मनाता था। पुलिस इसके मारे जाने को बड़ी सफलता मानती है। पुलिस ने मुठभेड़ स्थ ल से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद करने का दावा भी किया हैं।

सेना द्वारा 28 सितंबर के बाद से चौथे ऐसे आतंकवाद विरोधी अभियान को चिह्नित करके आतंकियों को साफ़ किया गया है, इस अभियान का उद्देश्य घाटी को आतंकियों से साफ करना है।