कोरोना से बचाव को सरकार का ठोस कदम – पडोसी देशों के साथ जमीनी रास्ते भी बंद

कोरोना से बचाव को सरकार ने कडा रुख अपना लिया है| वायरस के प्रभाव को सिमित करने के लिये हवाई मार्ग से विदेशियों की एंट्री पहले ही बंद कर दिया गया है| अब सरकार की थिंक टैंक जमीनी रास्ते को भी बंद करने पर विचार कर रही है| जाहिर है कि इस वायरस की समस्या को सरकार गंभीरता से ले रही है| वह इसे फैलने का कोई भी मौका देना नहीं चाह रही| 

जमीनी सीमाएं होगीं बंद 

कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने नेपाल, बांग्लादेश, भूटान और म्यांमार से सटी जमीनी सीमाएं बंद करने के आदेश दिए हैं। गृह मंत्रालय ने शनिवार रात 12 बजे से चारों पड़ोसी देशों से भारत आने-जाने के लिए बनाई गई 20 बॉर्डर पोस्ट बंद करने का आदेश दिया है। इसके अलावा पाकिस्तान की सीमा पर स्थित अटारी पोस्ट से लोगों की आवाजाही पर 16 मार्च की आधी रात से रोक लगाने के आदेश भी हैं।

भारत सरकार हवाई मार्ग से आने वाले सभी विदेशियों की देश में एंट्री पर पहले ही रोक लगा चुकी है। अब संक्रमण की आशंका के चलते पड़ोसी देशों से जुड़े सड़क मार्ग को भी सील किया जा रहा है। इसके तहत असम, मेघालय और त्रिपुरा में बांग्लादेश सीमा सील करने के आदेश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड में नेपाल सीमा को बंद किया जा रहा है। वहीं पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश, नेपाल और भूटान की बॉर्डर पोस्ट बंद की जाएंगी। मिजोरम में बांग्लादेश और म्यांमार सीमा भी सील करने के आदेश दिए गए हैं।

भारत-बांग्लादेश रेल सेवा भी बंद

इस आदेश के बाद, भारत-नेपाल के बीच सबसे ज्यादा आवाजाही वाले बिहार के रक्सौल बॉर्डर, उत्तर प्रदेश के सनौली बॉर्डर और पश्चिम बंगाल के रानीगंज बॉर्डर को आज रात से ही बंद कर दिया जाएगा। सड़क मार्ग के अलावा भारत और बांग्लादेश के बीच रेल सेवा को भी रोका जा रहा है। गृह मंत्रालय की एडवाइजरी के आधार पर भारत-बांग्लादेश के बीच चलने वाली मैत्री एक्सप्रेस और बंधन एक्सप्रेस को 15 मार्च से 15 अप्रैल के बीच रद्द किया जा रहा है।