जानिए अब तक कौन-कौन अमरीकी राष्ट्रपति भारत के दौरे पर आए

अमेरिका और भारत के बीच दोस्ताना रिश्ता नया नहीं है। साल 1959 से ही तमाम अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के दौरे पर आते रहे हैं। जिससे दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत बने रहे। भारत अमेरिका से तमाम चीजें खरीदता है तो भारत के लोग अमेरिका में उनकी तमाम तरह की शक्तियों को मजबूत करने में लगे रहते हैं।

अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी 3 दिन के बाद (24 फरवरी) अपनी पत्नी मेलानिया के साथ दो दिन के दौरे पर आ रहे हैं। अपने इस दौरे के दौरान वो राजधानी में तो रहेंगे ही साथ ही अहमदाबाद भी जाएंगे। इस खबर के जरिए हम आपको बता रहे हैं कि अब तक कितने अमेरिकी राष्ट्रपति भारत के दौरे पर कब-कब आए हैं।

डी.आइजनहावर (D. Eisenhower), साल-1959

साल 1959 में अमेरिकी राष्ट्रपति डी.आइजनहावर पहली बार भारत दौरे पर आए थे। साल 1959 में वो चार दिनों के दौरे पर भारत आए थे। उस समय भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू थे। अपने चार दिनों के दौरे के दौरान उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली को भी संबोधित किया था। इसके अलावा उन्होंने भारत की संसद के संयुक्त सत्र को भी संबोधित किया था, उसके बाद ताजमहल देखने आगरा गए थे।

रिचर्ड निक्सन (Richard Nixon), साल- 1969

इसके 10 साल के बाद रिचर्ड निक्सन भारत के दौरे पर आए थे। हालांकि वो राष्ट्रपति की हैसियत से भारत नहीं आए थे। डी. आइजनहावर जब राष्ट्रपति थे तो रिचर्ड निक्सन उपराष्ट्रपति थे। निक्सन भारत दौरे के दौरान महज 22 घंटे दिल्ली में रुके थे। उनका यह दौरा उनके एशियाई दौरे का छोटा सा हिस्सा था। निक्सन भारत के दौरे पर तब आए थे जब यहां सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के भीतर इंदिरा गांधी को लेकर पार्टी के पुराने नेताओं में मनमुटाव और कड़वाहट थी। उसके बाद कांग्रेस में तमाम तरह के उठापटक भी देखने को मिले थे।

जिमी कार्टर, (Jimmy carter), साल- 1978

जिमी कार्टर भारत के दौरे पर आने वाले अमेरिका के तीसरे राष्ट्रपति थे। जिमी जनवरी 1978 में तीन दिवसीय दौरे पर भारत आए थे। उनका यह दौरा तब हुआ था जब कुछ महीने पहले ही चुनाव में जनता पार्टी को ऐतिहासिक जीत मिली थी और इंदिरा गांधी को बड़ी हार। उनके इस दौरे के बाद 1971 में भारत-पाकिस्तान जंग और 1974 में भारत परमाणु परीक्षण से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार आया था। एक और खास बात ये थी कि कार्टर चाहते थे कि भारत परमाणु हथियार न बनाए, वो अपने इस लक्ष्य से पीछे हो जाए मगर भारत ने अपनी सैन्य शक्ति को मजबूत करने के लिए परमाणु हथियार बनाया।

बिल क्लिंटन, (Bill Clinton) 2000

साल 2000 में बिल क्लिंटन भी भारत के दौरे पर आए थे। वो ऐसे पहले राष्ट्रपति थे जो 5 दिनों के दौरे पर भारत आए थे। यह किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के भारत का अब तक का सबसे लंबा दौरा था। उस समय भारत के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी थे। क्लिंटन के साथ उनकी बेटी चेल्सिया भी भारत आई थीं। उस समय क्लिंटन आगरा, हैदराबाद, मुंबई, जयपुर और दिल्ली गए थे। क्लिंटन ने भी संसद को संबोधित किया था। 1998 में भारत और पाकिस्तान के परमाणु परीक्षण के बाद क्लिंटन ने दोनों देशों पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए थे। 1998 में परमाणु परीक्षण के दो साल बाद वो भारत आए थे। इस दौरे में क्लिंटन पाकिस्तान भी गए थे लेकिन मात्र कुछ घंटों के लिए।

जॉर्ज डब्ल्यू बुश, (George W. Bush) 2006

बिल क्लिंटन के दौरे के 6 साल बाद जॉर्ज डब्ल्यू बुश भारत के दौरे पर आए थे। जॉर्ज बुश और अमेरिका की पहली महिला लारा बुश उनके साथ आई थीं। इन दोनों का भारत दौरा महज 60 घंटे का था। उस समय देश में मनमोहन सिंह की सरकार थी और वामपंथी पार्टियों के समर्थन से चल रही थी। वामपंथी पार्टियां बुश के दौरे का विरोध कर रही थीं।

वामपंथी पार्टियों ने ही बुश को संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित नहीं करने दिया था। उसके बाद बुश को दिल्ली के पुराना क़िला में गिने-चुने लोगों को संबोधित करना पड़ा था। बुश के इसी दौरे में भारत ने परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर किया था। इसी समझौते के कारण भारत दुनिया का पहला देश बना जो एनपीटी यानी परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर किए बिना वाणिज्यिक परमाणु कार्यक्रम पर आगे बढ़ाता रहा।

बराक ओबामा, (Barack Obama)2010 और 2015

2010 के नवंबर महीने में बराक ओबामा भारत आने वाले अमेरिका के 6 वें राष्ट्रपति थे। ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल ने 26/11 के आंतकवादी हमले में मारे गए लोगों को मुंबई जाकर श्रद्धांजलि दी थी। उन्होंने आतंकंवादी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों से भी मुलाकात की थी। इस दौरे में मिशेल ओबामा ने बच्चों के साथ डांस भी किया था।

राष्ट्रपति ओबामा ने भारत की संसद को भी संबोधित किया था और संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन किया था। राष्ट्रपति ओबामा ने भारत के इस निमंत्रण को स्वीकार कर लिया और वो एक बार फिर से 2015 में भारत आए। भारत के गणतंत्र दिवस में मुख्य अतिथि बनने वाले बराक ओबामा अमेरिका के पहले राष्ट्रपति थे।

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