जानिये केवी सुब्रमण्यम को, भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार

KV_Subramaniam

किसी भी देश की तरक्की के लिए वहाँ की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है| हमारे प्रधानमंत्री मोदी भी देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं| उन्होंने आर्थिक मामलों के विशेषज्ञों को अपनी टीम में शामिल किया है| वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अलावा एक और शख्स हैं, जिन पर बहुत बड़ी जिम्मेदारी है| वो शख्स हैं, भारत के मुख आर्थिक सलाहकार प्रोफेसर केवी सुब्रमन्यन|

प्रधानमंत्री मोदी की देश को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को समय पर पूरा करने में उनका साथ निभा रहे हैं देश के वर्तमान मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) केवी सुब्रमण्यन|

कौन हैं केवी सुब्रमन्यन?

सुब्रमण्यम जो की कॉर्पोरेट गवर्नेंस तथा आर्थिक नीति में विश्व के अग्रणी विशेषज्ञों में से एक हैं, वर्तमान में भारत के 17वे मुख्य आर्थिक सलाहकार के तौर पर कार्यरत हैं| केंद्र सरकार ने उन्हें 07 दिसम्बर 2018 को देश का मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया था|

सुब्रमन्यन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के छात्र रह चुके है| इतना ही नहीं उन्होंने शिकागो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से वित्तीय अर्थशास्त्र में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है| सुब्रमण्यम वैकल्पिक निवेश नीति, प्राथमिक बाजार, माध्यमिक बाजार और रिसर्च पर बनी सेबी की कमिटी का भी हिस्सा रहे हैं| अपनी अकादमिक करियर के शुरुआत से पहले सुब्रमण्यम, कंसलटेंट के तौर पर न्यूयॉर्क में विश्वप्रसिद्ध जेपी मॉर्गन चेज के साथ कर चुके है|

सुब्रमन्यन से जुडी कुछ खास बातें

आपको बता दे की सुब्रमन्यन ने आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 (Economic Survey 2018-19) की पूरी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे राज्यसभा में पेश किया जा चूका है| इस रिपोर्ट में सुब्रमण्यम ने बताया था कि देश कैसे साल 2025 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनेगा|

मुख्य आर्थिक सलाहकार का प्रमुख काम विदेश व्यापार और औद्योगिक विकास के मुद्दों पर सरकार को नीतिगत सलाह देना होता है| यह वित्त मंत्रालय के अधीन काम करते है|

इसके पहले भारत के मुख्य सलाहकार अरविन्द सुब्रमण्यम थे जिन्हें कुछ व्यक्तिगत कारणों से 20 जून 2018 को इस्तीफा दिया था| देश के पहले मुख्य आर्थिक सलाहकार जे.जे. अंजरिया थे, जिन्होंने वर्ष 1956 से वर्ष 1961 तक मुख्य आर्थिक सलाहकार का कार्यभार संभाला था|