विकास के लिये कश्मीरियों ने पेश की मिसाल 

गर फिरदौस बर रूये ज़मी अस्त/ हमी अस्तो हमी अस्तो हमी अस्त

इसका मतलब है, कि अगर धरती पर कही स्वर्ग है तो वो है सिर्फ कश्मीर में, लेकिन अफसोस ये होता है, कि पिछले कई दशक कश्मीर के ऐसे बीते की इस शायरी का मतलब ही बदल गया। चारो तरफ रंज़ और मातम की अंधेरी रात कश्मीर के आसमान में छाई हुई थी। पर अब कश्मीर एक नया उजियारा देखा जा रहा है। बंदूक और बंम के धमाको की आवाज दब चुकी है, हर तरफ से एक ही आवाज आ रही है, वो है विकास को आगे बढ़ने औऱ दुनिया के मानचित्र में फिर से जन्नत बनाने की। जिसके लिये कश्मीरियों का साथ दे रहे है देश के पीएम मोदी जिनकी नीतियों का असर है कि आज कश्मीर नई राह पर चल चुका है।

विकास के आगे धर्म को किया पीछे

धारा 370 हटने के बाद केंद्र सरकार जहां जम्मू और कश्मीर के विकास के लिये विशेष पैकेज मोहय्या करवा रही है, तो कश्मीर और जम्मू के लोग भी सरकार के साथ मिलकर नया कश्मीर बनाने के लिये आगे आ रहे है। इसके लिये वो पुरानी कुरीतियों को भी तोड़ रहे है, जिसमें धर्म के नाम पर सब कुछ कुर्बान कर दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नही हो रहा है। तभी तो झेलम नदी पर बनने वाले पुल के लिये 40 साल पुरानी आबू तुरब मस्जिद को हटाने के लिये राजी हो गये है, जो लोकल प्रशासन के लिये एक बड़ी कामयाबी है। दरअसल, श्रीनगर के कमरवारी इलाके में झेलम नदी पुल निर्माण के लिए चल रहा काम एक 40 साल पुरानी मस्जिद की वजह से रुका हुआ था. विकास कार्य को सुचारू रूप से बढ़ाने के लिए लोगों की आम सहमति से इस मस्जिद को गिराने को अब हरी झंडी मिल गई है

इसी तरह श्रीनगर को बारामूला से जोड़ने वाले एक हाईवे का काम काफ़ी समय से लंबित था. हाईवे के रास्ते में एक 72 साल पुराना गुरुद्वारा आ रहा था, जिसे हटाए बिना इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण संभव नहीं था. सिख समुदाय ने बेहतरीन फ़ैसला लेते हुए हाईवे के लिए गुरुद्वारे को शिफ़्ट करने के लिये तैयार हो गये है जिससे अटके हाइवे का काम जल्द ही शुरू होने जा रहा है। ये बतलाता है कि कश्मीर अब पुराना कश्मीर नही रहा है जो छोटी छोटी बातों में आकर सिर्फ हंगामा करने में लगा रहता हो अब वहां सिर्फ विकास की हवा चल रही है दूसरे राज्यों को टक्कर देने की तैयारी चल रही है।

मोदी पर भरोसा

ऐसा इस लिये कश्मीर में देखा जा रहा है, क्योकि आज कश्मीर में रहने वालों को ये साफ दिख रहा है, कि देश का पीएम सिर्फ विकास के लिये सोचता है, जिसकी बानगी उन्होने अपने पहले कार्यकाल में ही दिखा दिया था, जब कश्मीर के घर गांव शहर तक बिजली पहुंचा दिया। तो घर घर सिलेंडर पहुंचाकर काले ईधन से महिलाओं को छुटकारा दिलाया, तो आयुष्मान से गरीबों की बीमारी दूर भगाई।  इन्ही कामों को देखकर कश्मीर के लोगो को विश्वास हुआ, कि मोदी जी का एक ही मंत्र है वो है विकास विकास विकास.. शायद इसीलिये आज धर्म को इतर करके कश्मीरियों ने विकास को ही धर्म बना लिया है, जिसके लिये सबकुछ कुर्बान करने के लिये तैयार दिख रहे है. ये कहना गलत न होगा कि वो दिन दूर नही जब कश्मीर देश का सबसे विकसित और खूबसूरत प्रदेश होगा। 

कश्मीर की ये खबर देश के हर राज्य में विकास के कामों को अटकाने वालो के लिये एक सबक बनकर सामने आना चाहिये जिससे दूसरे राज्य में भी कोई विकास कामों को रोकने के लिये धर्म से जुड़े मुद्दे को सामने न लाये। और विकास के काम को न भटकाये।