धारा 370 हटने के बाद जन्नत में तब्दील हो रहा कश्मीर 

कश्मीर जिसे दुनिया का स्वर्ग कहा जाता है लेकिन आजादी के बाद से ही महज कुछ लोगों की सियासत के चलते ये स्वर्ग नर्क में बदल गया था लेकिन पिछले साल धारा 370 हटने के बाद घाटी में एक ऐसा सूरज चमकने लगा जिसमें आतंक कम और विकास ज्यादा दिख रहा है। धारा 370 हटने के बाद आखिर कश्मीर में क्या बदलाव देखा जा रहा है चलिए उसपर कुछ नजर डालते है।

केंद्र से भेजा गया पैसा सीधे जनता के लिए हुआ इस्तेमाल

सबसे बड़ा फर्क धारा 370 हटने के बाद ये देखा गया कि कश्मीर में वो सारी सहूलियत लोगो को मिलने लगी जो मुल्क के दूसरे हिस्से में लोगो को मिलती थी। विकास का पैसा सीधे आम जन के पास पहुंचने लगा जिससे कश्मीर के पिछ़ड़े इलाको में विकास का सूरज खिला। तो दूसरी तरफ 7 दशक से फलफूल रहा भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा पाई जिससे तेजी से राज्य में विकास हो सका, वहीं जो लोग दशकों से यहां रहते थे लेकिन उन्हे नगरिकता नही मिली थी वो भी धारा 370 हटने के बाद कश्मीर के नागरिक बन सके। आज गांव में रहने वाले लोगों तक सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही है।

 हिंसा का रास्ता छोड़ चुके आतंकवादी हैं खुश

जम्मू कश्मीर की एक बड़ी समस्या आतंकवाद थी, लेकिन जिन लोगो ने इसका रास्ता छोड़ा वो धारा 370 हटने से बेहद खुश हैं। उनका कहना है कि इस कदम से घाटी में जो दोहरापन रवइया हो रहा था वो खत्म हो गया है। नये रोजगार आज घाटी में आ रहे हैं। जिससे घाटी में आने वाले युवाओं के लिए बहुत कुछ अच्छा होगा। ऐसे में वो क्यों आतंक का रास्ता चुनेंगे। इसकी झलक भी दिखने लगी है तभी तो आज आतंक के कैम्प खाली हो रहे है। वही पाक और उसके कुछ गुर्गो की पोल भी खुल रही है।

महिलाओं की उम्मीदें चढ़ी परवान

धारा 370 हटने से सबसे ज्यादा फायदा अगर किसी को हो रहा है तो वो है कश्मीर की महिलाएं जो आज पुरुषों के बराबर खड़ी होकर काम करने में लगी है। वही वो भारत में कही भी शादी करने के बाद भी कश्मीरी ही कहलाएंगी और उनकी नागरिकता भी कश्मीरी रहेगी। इससे एक तरह का जो आत्मबल उन्हें  मिला है उससे महिलाओं का जीवन बदल गया है। आज महिलाएं कश्मीर में रोजगार के लिए आगे आ रही हैं। वही दूसरे राज्यों की तरह यहां कि महिलाएं भी सरपंच का चुनाव लड़ रही है और जीत कर कश्मीर को चमकाने में लगी हुई हैं। स्कूल कॉलेज खुल रहे हैं। जिससे महिलाएं अब घर के पास ही पढ़ाई कर पा रही हैं।

आतंक का हुआ सफाया

इन सब के बीच सबसे बड़ा फर्क धारा 370 हटने का ये देखा जा रहा है कि कश्मीर में आज आंतकवाद न के बराबर रह गया है। आयेदिन सुनाई देने वाली पत्थबाजों की स्टोरी बिलकुल बंद हो गई है। तो राज्य के तीन जिले पूरी तरह से आतंक मुक्त हो गये हैं और ये सब हुआ है महज साल भर के भीतर ऑकड़ो पर नजर डाले तो साल भर के भीतर करीब 322 आतंकियों को फौज ने जहन्नुम पहुंचा दिया है जिसमें 4 आतंकी संगठनो के चीफ भी शामिल है।

इतना ही नही कश्मीर के साथ-साथ जम्मू और लद्दाख में भी विकास के काम तेजी से किये जा रहे हैं। सरकार ने तेजी से विकास हो सके इसके लिए 1300  करोड़ का बजट भी इन राज्य के लिए विशेष तौर पर दिया है। वहीं लद्दाख को एक केंद्रिय विश्वविधालय के साथ-साथ सबसे बड़ा सोलर प्लांट बनाकर बिजली देने के लिए तैयार किया जा रहा है। मतलब साफ है कि धारा 370 हटने के बाद पाक कितनी भी सियासत करे लेकिन साल भीतर विकास का सूरज छोटे से छोटे गांव में भी खिला है। जिसकी चमक अब कश्मीर में दिखने लगी है।