“रेडियो कश्मीर” आज से कहलायेगा आकाशवाणी, कश्मीर और लद्दाख को मिले दो नये रेडियो स्टेशन

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"Radio Kashmir" from today will be called Akashvaniजम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बुधवार की रात से बदल गए। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश हो गए हैं। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक, 2019 के मुताबिक जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्रशासित प्रदेश में बंट गए। अब कुल 28 राज्य रह जाएंगे, जबकि कुल केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या नौ हो गई है। यह पहली बार है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांटा गया है।

सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद कश्मीर और लद्दाख के आखिरी व्यक्ति तक पहुंच बनाने के उद्देश्य से दो नये रेडियो स्टेशन लांच करने का निर्णय लिया है। अधिकारिक सूत्रों के अनुसार कश्मीर और लद्दाख के 31 अक्टूबर से केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद दोनों रेडियो स्टेशन का संचालन शुरू कर दिया।

जम्मू, श्रीनगर और लेह में रेडियो स्टेशनों का नाम गुरूवार से बदल गया है। अब इन्हें ऑल इंडिया रेडियो जम्मू, ऑल इंडिया रेडियो श्रीनगर और ऑल इंडिया रेडियो लेह के नाम से जाना जाएगा। आज से इन स्टेशनों की पहचान के लिए की जानी वाली उद्घोषणाएं “रेडियो कश्मीर” की जगह “ऑल इंडिया रेडियो” / “आकाशवाणी” होगा।

ये दो नए रेडियो स्टेशन दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाली लोगों तक जानकारी पहुंचाने के उद्देश्य से लांच किये जा रहे है। दोनों स्टेशन 13 हजार फीट की ऊंचाई पर हिमबोटिंगला क्षेत्र में स्थापित किये जायेंगे। ऑल इण्डिया रेडियो के ये स्टेशन विश्व की सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थापित किये जाने वाले स्टेशन हैं। इन स्टेशनों में अच्छी क्षमता वाले ब्राडकास्ट ट्रांसमीटर भी लगाए गए हैं। इन क्षेत्र में मौसम को देखते हुए मंत्रालय ने नयी तकनीक वाले उपकरण लगाए है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, वर्तमान में इन क्षेत्रों में हम उन चैनलों से घिरे हुए हैं जो नियंत्रण रेखा के बाहर से संचालित होते हैं और वह झूठ का प्रचार करते हैं और हम यहां इस तरह के झूठ का मुकाबला करने एवं लोगों को सही जानकारी देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

इसके अलावा सरकार ने सार्वजनिक प्रसारण की मौजूदगी को सुदूर पहाड़ी क्षेत्रों तक बढ़ाया है तथा उधमपुर, पटनीटॉप, नौशेरा, रियासी, पुंछ और भदरवाह जैसे इलाकों में नए रेडियो स्टेशन भी शुरू किये गए हैं। सरकार ने यह कदम सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को केन्द्र सरकार की विकासात्मक योजनाओं की जानकारी देने के मकसद से उठाया है।

 


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