काशी के लाडले मोदी ने बदली: कैसे काशी की रंगत

बम बम बोल रहा है काशी… बम बम बोल रहा है काशी.. हर वक्त शिव की भक्ति मे डूबा काशी मॉं गंगा की लहरोंमें गोता लगाने वाला काशी फक्कड औऱ अपने सूफी अंदाज के कारण विश्व मे अलग पहचाने जाने वाला काशी, अब आधुनिकता की तरफ भी बढ़ रहा है. वो भी अपनी पुरानी विरासत के साथ मतलब काशी अब बदल रहा है और काशी को बदलने का बीड़ा उठाया है तो काशी के ही छोरे हमारे प्रधानमंत्री नरेद्र भाई मोदी नेI जिस दिन से वो काशी मे बसे है बस काशी की शक्ल और सूरत बदलने मे लगे है। जिसके चलते सवा चार साल मे काशी की सूरत और सीरत दोनो बदल गई है।

सवा चार साल मे मोदी ने 17 हजार करोड़ की दी सौगात

पीएम मोदी ने काशी वासियों का प्यार सूद समेत उतारने का जो वायदा किया था उसे सत्ता मे आते ही उतारना शुरू कर दिया था. इसीलिये मोदी ने बनारस को उसका खोया हुआ ‘रस’ वापस दिलाने के लिये कई योजनाओ की घोषणा की. इनमे 966 करोड रूपये की 271 योजनाये आज जमीन पर पूरी हो चुकी है, जबकि 8513 करोड की 69 योजना जल्द पूरी होने वाली है।

गलियों मे नही दिखते बिजली के तार

 

काशी को ‘गलियों का भी शहर’ कहा जाता है और इन गलियों से लाखों देशी और विदेशी सैलानी बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ साथ मॉं गंगा के दर्शन करने भी जाते है। लेकिन चार साल पहले इन लोगों को बिजली के नंगे तारो के पकडजाल से बचकर गुजरना पड़ता था लेकिन आज ये मकडजाल खत्म हो गया है क्योंकि मोदी सरकार ने 36,200 लाख रूपये से पुरानी काशी को बिजली के तारो से पूरी तरह से छुटकारा दिला दिया है। वही गलियों मे पानी निकासी की भी बहुत बढ़िया व्यवस्था कि गई है। यानी की काशी की गलियां अब यहां आ रहे लोगो को रिझाती है।

गंगा के घाट  भी अब बदले बदले नजर आते है

काशी को ‘घाटो का भी शहर’ कहा जाता है क्योंकि इस शहर मे करीब 100 के आस पास घाट है। लेकिन दशाश्वमेध घाट, मणिकर्णिका घाट,हरीश चंद्र घाट और अस्सी घाट सबसे प्रचीन घाट है। और अगर चार साल पहले आप इन घाटो मे घूमकर आये होगे तो अब जरूर इन घाटो के दर्शन करने जाये क्योंकि अब इन घाटो की शक्ल और सूरत आप पहचान नही पायेगे। हर घाट मे एलईडी लाइट मानो रात मे सूरज की रौशनी बिखेरती हुई नजर आती है, तो सीमेंट से बने घाट की सीढ़िया मन मे बस जाती है। इसके लिये भी मोदी सरकार की तरफ से 100 करोड़ रूपये खर्च किये गये है। जिसके बाद आज घाट जगमगा रहे है।

बिजली की आंख मिचौली हुई खत्म

मोदी सरकार ने आते ही काशी की सबसे बड़ी समस्या यहां बिजली गुल हो जाना अब कल की बात हो गई है चोलापुर मे 23.8 लाख रूपये की लागत से 132 केवी विधुत का निर्माण किया गया ऐस ही 3722 मजरो मे विधुतीकरण का भी 8461 रूपये मे किया गया। इसके साथ साथ 33 गुणे 11 केवीए का विधुत उपक्रेद बेटावर मे शुरू हुआ जिससे बनारस की गली गली और घर घर बिजली की समस्या दूर होते हुए दिख रही है। वही गांवों मे भी बिजली का संकट अब पूरी तरह से खत्म हो जायेगा।

गंगा की सफाई को दिया नया आयाम

गंगा की सफाई को लेकर पीएम मोदी कितने फ्रिकमंद है इससे ही आप जान सकते है कि सत्ता सभांलते ही गंगा सफाई के लिये 21 हजार करोड का भारी भरकम फंड का ऐलान किय। जिसके चलते 200 परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है कि गंगा मे शहर का गंदा पानी नही गिरे सबसे बड़ी बात ये है कि इन योजनाओं मे काफी ज्यादा योजनाए पूरी भी हो गई है।

इसी तरह काशी की सड़के भी आज बदली बदली नजर आ रही है। कई इलाकों मे जाम कम करने के लिये नये फ्लाइओवर बनाये जा रहे है। तो पुरानी काशी और बनारस के बीच भीड़ को देखते हुए रिंग रोड का निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया गया है। जगह जगह एलईडी लाइट से बनारस जगमगा रहा है तो स्वास्थ के क्षेत्र मे कई बड़े अस्पतालं का निर्माण किया जा रहा है। खासकर बीएचयू मे कैंसर अस्पताल के निर्माण के बाद पूर्व के लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है।मतलब साफ है कि पीएम मोदी ने बनारस को उसकी खोई हुई पहचान वापस दिलाने मे जुटे है और हो भी क्यों न आखिर बनारसी बाबू जो वो बन गये है