कर्नाटक उपचुनाव ने देश को दिखाया नया आईना

shah_modi

देश में वैसे तो उपचुनाव के दौर चलते ही रहते है,लेकिन इस बार कर्नाटक राज्य में हुए उपचुनाव के नतीजों ने देश को एक नई दिशा प्रदान की है, जिससे ये साफ हो गया है कि लोकतंत्र भी नये भारत में बदल रहा है और पुरानी धारणा से बाहर निकल रहा है। उन लोगों को सबक सिखाने में लगा है, जो जनता के फैसले के बाद सिर्फ कुर्सी के लिये एक दूसरे से गलबइया करने लगते है।

जनता ने सिखाया सबक

वैसे एक पुरानी कहावत है सियासत करने वालों के बीच कि सत्ता को पाने के लिये सब जायज है। देश की सियासत में इस कहावत को सही करने में कई बार एक दूसरे से बैर रखने वाले गले लगते हुए देखे गये है। खासकर तब जब चुनाव के नतीजे आ जाते थे। मजे की बात तो ये है कि ऐसा करते वक्त वो इस दोस्ती को राज्य या देश के लिये जरूरी बताते है और खुद सत्ता की मलाई खाते है, लेकिन देश की जनता ने भी ऐसे लोगो को सबक सिखाने का मन बना लिया है।

जिसकी शुरूआत लोकसभा में देखी तो गई, लेकिन इसका असल रूप अब कर्नाटक के उपचुनाव में देखने को मिला है। जनता ने ये साफ कर दिया है कि वो उस गठजोड़ को बिलकुल पंसद नही करेगी जो सिर्फ स्वार्थ के चलते हुआ होगा या कुर्सी में कबिज होने के लिये हुआ होगा। कर्नाटक के नतीजे ये भी बताते है कि देश का मूड अब उन लोगो को बिलकुल भी माफ करने का नही है जो आये नतीजों के बाद बंद कमरे में सत्ता में कबिज होने का प्लान बनाते है। मतलब साफ है कि बदलते भारत में अब सियासत करने वालों को अपनी सियासत भी बदलनी पड़ेगी। और पुरानी सियासत से तौबा करनी पड़ेगी वरना जनता के दरबार में यानी चुनाव में ऐसे नेता जायेंगे तो उनका हाल भी कर्नाटक उपचुनाव की तरह ही होगा। वोटर देश के अब पूरी तरह से सजग है इसका भी प्रमाण आये नतीजो से मिलते है। तभी विरोधियों का सूपडा इस चुनाव में साफ हो गया है।

पीएम मोदी ने कर्नाटक का सच’ बताया

पीएम मोदी ने कर्नाटक की कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार पर तंज कसते हुए कहा, ‘बीजेपी को रोकने के लिए इन्होंकने जो सीएम बनाया था उसे भी रोज बंदूक दिखाई जाती थी। वह सीएम जनता के बीच रोता, गिड़गिड़ाता था। कर्नाटक के सीएम का हाल किडनैप होने वाले से भी बुरा कर दिया था।’

मोदी का कहना था, ‘यह देश के तमाम राज्यों के लिए संदेश है कि कोई जनादेश के खिलाफ जाएगा, जनता को धोखा देगा, तो पहला मौका मिलते ही जनता उसे पूरी सजा देगी। कांग्रेस की सच्चाई को झारखंड के लोगों को भी याद रखना है। कर्नाटक के परिणामों को याद रखना जरूरी है। देश में उठापटक की राजनीति करने वाले नेताओं को ये मजबूत संदेश है।

यानी की अब देश की जनता सियासत करने वालों को ये साफ संदेश दे रही है,कि तुम अगर ड़ाल, डाल तो हम पात, पात है। मतलब अगर तुम देश के विकास और साफ सुधरी सियासत करोगे तो जनता आपके साथ हो लेगी जैसा की मोदी जी के साथ साल 2019 के चुनाव में देखा गया। और ऐसा नही करोगे तो नतीजे फिर इसके उल्टे ही देखे जायेंगे।