कैलाश विजयवर्गीय ने 20 साल बाद ग्रहण किया अन्न, जानें- क्या था संकल्प

कैलाश विजयवर्गीय अपने एक संकल्प और अनुष्ठान के चलते देश भर में चर्चाओं में आ गए हैं। आपको बता दे की जहाँ प्रधानमंत्री मोदी के Tweet की चर्चा कल से पूरी दुनिया में हो रही है, वहीँ बीजेपी के एक और नेता के Tweet की भी चर्चा पुरे देश में हो रही है। कैलाश विजयवर्गीय की 20 वर्षों के बाद अन्न ग्रहण करने की उनकी तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

भाजपा के फायर ब्रांड नेता और राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने हाल ही में 20 वर्षों बाद अन्ना ग्रहण किया है। आपको बता दे कि 20 साल पहले महापौर बनने के बाद कैलाश ने पितृ पर्वत पर भगवान हनुमान की प्रतिमा स्थापित कराने का संकल्प लिया था। उन्होंने पिछले 20 वर्षों से अन्नग उनके भोजन का हिस्सान नहीं था। लेकिन बताया जाता है कि उन्होंने ऐसा संकल्प इंदौर के विकास के लिए ही लिया था।

इंदौर की उन्नति के लिए लिया संकल्प

दरअसल, कैलाश विजयवर्गीय सन 2000 में जब इंदौर के महापौर बनें हुए उस समय उन्हें किसी संत ने बताया था कि शहर पितृ दोष से ग्रस्ति है, और इसी वजह से इंदौर का विकास अवरुद्ध है। इसके उपाय के तौर पर यह बताया गया कि अगर इंदौर के पितृ पर्वत पर भगवान श्री हनुमान जी की प्रतिमा स्थापपित की जाए तो यह दोष दूर हो सकता है।

आज पूरी होगी प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा

ग्वालियर के 125 कारीगरों ने 7 साल में प्रतिमा तैयार की. जिसे इसी महीने स्थापित किया गया है। इसका प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव 24 फरवरी से चल रहा है, जो आज यानी कि 3 मार्च को खत्मक होगा। बता दें कि हनुमान जी कि प्रतिमा 72 फीट ऊंची और 108 टन वजनी है। प्रतिमा पर करीब 15 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं।

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव

इस प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर अवधेशानंद गिरी महाराज, संत मुरारी बापू और वृंदावन से महामंडलेश्वर गुरुशरणानंदजी महाराज पहुंचे। उन्हीं के हाथों कैलाश विजयवर्गीय ने अन्न ग्रहण किया।

20 साल से नहीं खाया अन्न

कैलाश विजयवर्गीय दो दशकों से अन्न नहीं खा रहे थे। इन 20 वर्षों में उनके इस संकल्पक के दौरान उनकी पत्नीव आशा विजयवर्गीय ने पूरा सहयोग दिया और उन्हें फल, साबूदाने, सवा के चावल वगैरह की खाद्य सामग्री खाने के लिए दी। इतना ही नहीं इन 20 वर्षों में कैलाश विजयवर्गीय ने लोगों का आह्वान किया कि वे अपने पूर्वजों की याद में पितृ पर्वत पर पेड़ लगाएं। इस तरह दो दशकों में लगभग यहां एक लाख पौधे लगाए गए जो वृक्ष बन चुके हैं।

10 लाख लोगों को भोज का आमंत्रण

विजयवर्गीय ने इस प्राण-प्रतिष्ठाा पर होने वाले भोजन प्रसादी के कार्यक्रम के लिए समूचे इंदौर को आमंत्रित किया है। Twitter पर पोस्टा में उन्हों ने कहा है कि मंगलवार को इंदौर में होने वाले देश के सबसे बड़े नगर भोज में आइये। पितरेश्वर_हनुमान जी की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा की भोजन प्रसादी कई मायनों में मिसाल बनेगी।