बस विरोध करना है इसलिये विरोध कर रहे है 

ये पीएम मोदी का ही असर है कि आज विपक्ष उनपर आक्रमण करने के लिये इस तरह तरस रहा है कि यूपी में घटना घटती है और महाराष्ट्र में बंद का आह्वान किया जाता है वो भी सत्ता पक्ष के द्वारा जिसे सुनकर ही लोगों की हंसी निकल पड़ती है। लेकिन भाई क्या किया जाये बस हंगामा करना फिर वो कोई भी मौका क्यो ना हो।

लखीमपुर खीरी कांड पर महाराष्ट्र में बंद के दौरान हंगामा

वो एक कहावत है ना कि काजी जी दुबले क्यों शहर के अंदेशे से, बस यही सियासत इस वक्त विपक्ष के द्वारा देखने को मिल रही है। वैसे तो महाराष्ट्र में देखे तो वहां कि जनता लोकल मुद्दो से ही परेशान है लेकिन ठाकरे सरकार तो यूपी में हुए लखीमपुर खीरी कांड को लेकर परेशान दिख रही है तभी तो सत्ता में रहते हुए वो बंद का आह्वान कर रही है। इससे आप समझ सकते है कि उसे राज्य की कितनी चिंता है कि वो करोड़ो का नुकसान करके सिर्फ अपनी सियासत चमकाना चाहती है। वो भी गुंडागर्दी करके तभी महाराष्ट्र के कई इलाको से हंगामे की खबर सामने आई है। कई जगह दुकानो को बलपूर्वक बंद करवाया गया तो कई जगह हाथापाई भी की गई जो साफ बताता है कि वो प्रदेश के विकास को लेकर कितने संवेदनशील है। तभी तो खुद का आह्वान करके प्रदेश को पीछे ले जा रहे है और अपने लोगों से माहौल खराब करवा रहे है।

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जनता सब देख और समझ रही है

मोदी 2.0 के शुरू होते ही जैसे ही पीएम मोदी ने कड़े फैसले लेने शुरू किये जिससे देश तेजी से आगे बढ़ने लगा वैसे ही देश में रहने वाले कुछ लोगों को ये बात खटकने लगी और देश में भोले भाले लोगों में भ्रम का माहौल फैलाकर वो धरना प्रदर्शन करवाने लगे कई जगह तो दंगे में भी देश को झूका गया। लेकिन देश की जनता ये सब कुछ ध्यान से देख रही है कि कैसे किसी बड़े राज्य में चुनाव से पहले बड़ा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाती है फिर उसपर रोटिया सेकी जाती है। जनता बहुत अच्छी तरह से ये समझ रही है। खासकर तब जब कोरोना जैसी महामारी देश में है लेकिन कुछ लोग तो इस पर भी सियासत करते हुए देखे गये। हालांकि केंद्र सरकार के प्रयासो का ही नतीजा है कि देश में आज 95 करोड़ लोगों के वैक्सीन लग चुकी है तो दुनिया के दूसरे देशों की जगह भारत में मामले भी कम आ रहे है जो ये बड़ी सफलता है। लेकिन अफसोस तो तब होता है जब ऐसे वक्त मिलकर कोरोना को हराने की एकजुटता दिखनी चाहिये तो ये आपस में लड़कर देश को सिर्फ पिछे ले जाता जाहते है।

ऐसे में विपक्ष से ये पूछा जाये कि आखिर महाराष्ट्र को आज क्यों बंद करके करोड़ो का चूना लगाया गया। जिस तरह के हंगामे की तस्वीरे सामने आ रही है इसका कौन जिम्मेदार है तो इसका जवाब क्या सीएम साहब के पास होगा मुझे तो नहीं लगता लेकिन ये सवाल जनता जरूर उनसे और देश के विपक्ष से पूछेगी कि देश का नुकसान करके आखिर वो क्या जताना चाहते है।