मिल गया निर्भया को इन्साफ – दोषियों को 22 जनवरी को होगी फांसी

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16 दिसंबर 2012 की सर्द रात में छह बेरहम दरिंदों की दरिंदगी का शिकार बनी निर्भया को आज इन्साफ मिल गया| निर्भया के मां की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने आज लंबी सुनवाई के बाद डेथ वॉरंट जारी किया। कोर्ट के आदेश के मुताबिक चारों दोषियों को 22 जनवरी को सुबह सात बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा।

सात साल के अंतराल के बाद आज अंतिम फैसला

सात साल लम्बे चले कानूनी प्रकिया के बाद आज न्यायालय का अंतिम फैसला आया है| इस से पहले साकेत स्थित फार्स्ट ट्रैक कोर्ट ने चारों आरोपियों को गैंग रेप और हत्या के लिए दोषी करार दिया था। 13 सितंबर, 2013 को ही चारों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई थी और सजा कन्फर्म करने के लिए मामले को हाई कोर्ट को रेफर किया था।

इस के बाद हाई कोर्ट ने 13 मार्च 2014 को चारों दोषियों अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा, पवन गुप्ता और मुकेश की अपील भी खारिज कर दी थी। जिसके उपरांत दोषियों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की पर वहां भी वहां भी दोषियों की अपील खारिज हो गई थी।

छह आरोपियों में से एक ने की जेल में आत्महत्या

उल्लेखनीय है कि निर्भया के बलात्कार और हत्या के कुल छह आरोपियों में से एक, राम सिंह (जो की बस का ड्राईवर था) की मौत 11 मार्च 2013 को तिहाड़ जेल में हो गयी थी| राम सिंह ने तिहाड़ जेल में ही फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी|

एक आरोपी लचर कानून का फायदा उठा नाबालिग होने के चलते रिहा

एक मुख्य आरोपी जिसकी दरिंदगी के फलस्वरूप निर्भय की मौत हुई उसे जुवेनाइल कोर्ट ने तीन साल की सुधार गृह की सजा देकर बरी कर दिया था| अपराध के दिन कथित आरोपी की उम्र 17 साल और छह महीने थी| दिल्ली पुलिस ने आरोपी के बोन टेस्ट की अपील की थी जिसे जुवेनाइल कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था|

जनता पार्टी के अध्यक्ष सुब्रह्मण्यम स्वामी ने भी अपील की थी की आरोपी के अपराध की प्रवृति और प्रकार को देखते हुए उसे व्यस्क मानकर कार्रर्वाई की जाये, लेकिन इसे भी जुवेनाइल कोर्ट द्वारा ख़ारिज कर दिया गया|

बाद में दिल्ली सरकार के महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय द्वारा जुवेनाइल आरोपी को 10,000 की सहायता राशि और एक सिलाई मशीन भी दी गयी थी| इस पुरे प्रकरण ने ऐसे जघन्य अपराध के दोषियों को दण्डित करने में भारतीय दंड विधान की लचरता को उजागर किया था|

तीन दोषियों की दया याचिका ख़ारिज हुई थी

चार में से तीन दोषियों ने फांसी से बचने के लिए क्यूरेटिव और दया याचिका का रास्ता अपनाने की बात कही थी। तिहाड़ जेल प्रशासन ने उन्हें नोटिस जारी कर इसके बारे में पूछा था। दोषियों ने जवाब में कहा था कि संविधान के हिसाब से उनके पास अभी कानूनी रास्ते बचे हैं। वह अभी क्यूरेटिव और दया याचिका का इस्तेमाल करना चाहेंगे। बता दें कि निर्भया गैंगरेप और मर्डर मामले में चारों दोषियों (पवन, विनय, मुकेश और अक्षय) की रिव्यू पिटिशन पहले ही खारिज हो चुकी है। चारों की रिव्यू पिटिशन सुप्रीम कोर्ट से खारिज हुई थी।

निर्भया की आत्मा को आज शांति मिली होगी

खैर देर आये दुरुस्त आये की तर्ज पर आज अदालत ने सही फैसला सुनाया और आरोपियों की मौत को सजा को बरक़रार रखा| अदालत का फैसला आने के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने कहा, “मेरी बेटी को न्याय मिल गया। इन चारों दोषियों को फांसी की सजा मिलने से देश की महिलाओं को ताकत मिलेगी। इस फैसले से लोगों का न्याय व्यवस्था में विश्वास बढ़ेगा।“


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