67 साल बाद जम्मू-कश्मीर सचिवालय से हटा जेके स्टेट का झंडा, लहराया सिर्फ तिरंगा

JK State flag removed from Jammu and Kashmir Secretariat

जम्मू-कश्मीर का झंडा जो तिरंगे के साथ उड़ता था, रविवार को श्रीनगर में सिविल सचिवालय से हटा दिया गया , केंद्र द्वारा  धारा 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद ऐसा संभव हुआ है, जो राज्य को विशेष दर्जा देता था।

अनुच्छेद 370 के तहत, जम्मू और कश्मीर को अपना स्वयं का झंडा रखने की अनुमति थी, जो कि तीन समान सफेद खड़ी पट्टियों और एक सफेद हल के साथ लाल रंग का था।

केंद्र द्वारा धारा 370 के प्रावधानों को निरस्त करने के बाद जम्मू और कश्मीर सचिवालय के ऊपर हर दिन तिरंगा के साथ फहराया जाने वाला झंडा हटा दिया गया। 31 अक्टूबर से कानून जम्मू-कश्मीर दो केंद्र शासित प्रदेशों – जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख प्रभाव में आएगा।

रविवार सुबह, सचिवालय भवन पर केवल तिरंगा फहराया गया और जल्द ही स्टेट झंडे को अन्य सरकारी भवनों से भी हटा दिया जाएगा। बता दे की 7 जून, 1952 को राज्य के विधानसभा द्वारा ध्वज को अपनाया गया था, ध्वज के तीन अलग अलग धारियों ने राज्य के तीन क्षेत्रों जम्मू, कश्मीर और लद्दाख का प्रतिनिधित्व किया।

गौरतलब है की केंद्र ने 5 अगस्त को संविधान में अनुच्छेद 370 प्रावधानों को निरस्त कर दिया था, जिसमें जम्मू और कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा दिया गया था। संसद ने इस संबंध में प्रस्ताव को मंजूरी दे दी और राज्य के दो संघ शासित प्रदेशों के विभाजन पर विधेयक भी पारित कर दिया। बाद में 9 अगस्त को, राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 को स्वीकृति प्रदान की, जो जम्मू-कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों को विभाजित करता है। 5 अगस्त से कश्मीर घाटी के विभिन्न हिस्सों में किसी भी हिंसक वारदात से निपटने के लिए सख्त प्रतिबंध लगाया हुआ हैं।