BSNL के बाद JET AIRWAYS के कर्मचारियों ने मांगी मोदी से मदद

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जेट एयरवेज के पायलट सोमवार से हड़ताल पर नहीं जाएंगे। जेट एयरवेज के पायलटों के संगठन ने रविवार रात कहा कि ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ के फैसले को कुछ समय के लिए टाल दिया गया है। संकट से गुजर रहे जेट एयरवेज के पायलटों के राष्ट्रीय संगठन नैशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) से जुड़े करीब 1,100 पायलट ‘वेतन भुगतान नहीं होने की वजह से’ सोमवार सुबह 10 बजे से हड़ताल पर जाने वाले थे।

पायलट के साथ-साथ इंजिनियर और वरिष्ठ प्रबंधकों को जनवरी से वेतन नहीं मिला है। कर्ज में डूबी इस कंपनी ने अन्य वर्ग के कर्मचारियों को भी मार्च का वेतन नहीं दिया है। सोमवार की बैठक में कंपनी के प्रबंधक 1,500 करोड़ रुपये के निवेश की अपील और नए प्लान को लेकर कर्जदाताओं से मुलाकात करेंगे।

एनएजी की ओर से देर शाम कहा गया, ‘कल एयरलाइन मैनेजमेंट और एसबीआई के बीच अहम बैठक है। इसके मद्देनजर सदस्यों ने अपने टीम लीडर्स के जरिए ‘वेतन नहीं तो काम नहीं’ को टालकर एयरलाइन को पुनर्जिविन का मौका दिया जाए। इस अपील के मद्देनजर फैसले को अभी टाला जा रहा है।’

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आपको बता दें कि जेट एयरवेज के पायलटों ने कंपनी को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है। जेट के पायलटों ने प्रधानमंत्री से 20,000 नौकरियां बचाने में मदद करने का अनुरोध किया है। इसके साथ ही जेट के पायलटों ने विमानन कंपनी को बचाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से भी मदद मांगी है। उन्होंने एसबीआई से 1,500 करोड़ रुपये का फंड जारी करने की अपील की है।

एनएजी कुल 1,600 पायलटों में से 1,100 पायलटों के प्रतिनिधित्व का दावा करता है। इकाई ने मार्च के अंत में 1 अप्रैल से जहाज नहीं उड़ाने का निर्णय किया था। उन्होंने बाद में इसे 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया था। उनका कहना था कि वह नए प्रबंधन को कुछ और समय देना चाहते हैं। भारतीय स्टेट बैंक की अगुवाई में बैंकों का एक समूह इन दिनों जेट एयरवेज के प्रबंधन का काम देख रहा है।

इससे पहले यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने रविवार सुबह पायलटों को जनवरी से वेतन का भुगतान न होने के कारण विमान न उड़ाने की ठानी थी। गिल्ड का दावा है कि वह 1600 पायलटों में से करीब 1100 पायलट का प्रतिनिधित्व कर रही है।

गौरतलब हो कि इस से पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस पहले BSNL के कर्मचारियों की मदद की थी| आर्थिक संकट से जूझ रहे भारत संचार निगम लिमिटेड के कर्मचारियों का भविष्य संकट में घिर गया था| ठीक इसी तरह पहले वक़्त पर सैलरी नही मिली और साथ ही उनपर छंटनी की तलवार भी लटक गई| लेकिन PMO से मदद मिलने के बाद BSNL फिर से पटरी पर लौट चुकी है|