होमवर्क के लिए स्कूल में नहीं पड़ती डांट, रात दस बजे तक बच्चे कर रहे पढ़ाई

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जमशेदपुर। सागेन हांसदा अब रात को बल्ब जलते ही खुशी से झूमने लगता है। होमवर्क के लिए अब स्कूल में डांट नहीं पड़ती। जब से पोटका की लावा पंचायत स्थित उसका बांसतोला गांव बिजली से रोशन हुआ है,रात 10 बजे तक पढ़ाई कर होमवर्क पूरा कर लेता है।

पिता धर्मू हांसदा कहते हैं कि प्रधानमंत्री सौभाग्य हर घर बिजली योजना ने गांव की सूरत ही बदल दी। मुफ्त बिजली कनेक्शन मिला। अब गांव में रात को उजाला रहता है। बांसतोला में पिछले महीने ही बिजली आई है। उधर, जरकी गांव अर्से से बिजली के इंतजार में था। यहां खंभे गाड़ दिए गए थे, लेकिन तार नहीं खींचे गए थे। पिछले महीने यहां भी बिजली के तार लगा कर घरों में कनेक्शन दे दिए गए हैं। पूरा गांव बिजली की रोशनी में नहा रहा है।

सर्वे में छूट गए घरों में भी बिजली

जानकारी के अनुसार, पूर्वी सिंहभूम जिले में योजना के तहत एक लाख 13 हजार 92 घरों को मुफ्त बिजली कनेक्शन देना था। यह लक्ष्य वर्ष 2017 में विभाग ने सर्वे के बाद तय किया था। गांवों में गरीबीरेखा से नीचे व गरीबी रेखा से ऊपर वाले कनेक्शन से वंचित घरों का सर्वे कराया गया था। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों की मानें तो यह लक्ष्य पूर्ण हो गया है। ऐसे एक लाख 26 हजार घरों को बिजली मुहैया करा दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वे में छूट गए कई घरों को भी बिजली दे दी गई है। विभाग की मानें तो संसदीय क्षेत्र की 231 पंचायतों के 1664 गांवों में बिजली पहुंच गई है। गत वर्ष तक 1250 टोलों में बिजली नहीं थी। इनमें घाटशिला के 835 और जमशेदपुर के 415 टोले थे। लेकिन, अब इन सभी टोलों में बिजली पहुंचाने का दावा किया जा रहा है। उधर, ग्रामीण की मानें तो कई टोलों में बिजली नहीं पहुंची है। ये टोले पंचायत के गांवों का हिस्सा होते हैं। एक टोले में चार से 10 घर होते हैं। छोटे होने के कारण ही बिजली विभाग ने इनकी अनदेखी कर दी है।

डोढ़ाघोटू जैसे कई गांवों में नहीं पहुंची है बिजली

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प्रशासनिक दावा है कि इस संसदीय क्षेत्र के हर घर को बिजली से रोशन कर दिया गया है। सभी गांवों में बिजली पहुंच गई है। लेकिन, पोटका प्रखंड की डोमजुड़ी पंचायत के धोबनी गांव का ढोड़ाघुटू टोला दावे की पोल खोल रहा है। यहां बिजली के पोल तो गाड़े गए हैं, लेकिन तार नहीं दौड़ाए गए हैं। रात होते ही गांव अंधेरे में डूब जाता है। 12 घरों के इस टोले में एक ट्रांसफार्मर कई माह से पड़ा हुआ है। लोग बताते हैं कि कई महीने पूर्व ठेकेदार इसे लेकर आया, उसके बाद से वह नजर नहीं आया। यह टोला सिर्फ बानगी है। ऐसे कई टोला पटमदा, मुसाबनी, बहरागोड़ा, धालभूमगढ़, डुमरिया आदि प्रखंडों में मिल जाएंगे। ढोड़ाघुटू गांव के सुकदा मुर्मू कहते हैं कि बगल के गांव में बिजली आ गई है। घर के लोग पूछते हैं कि अपने यहां बिजली कब आएगी। सुकदा मुर्मू चंद रोज पहले ही कार्यपालक अभियंता गौरव कुमार से भी मिले थे। उन्हें बताया गया कि संवेदक के भाग जाने की वजह से इस गांव में बिजली नहीं पहुंच पाई है।

सौभाग्य योजना का हो रहा है सत्यापन

प्रधानमंत्री सौभाग्य योजना के तहत सभी घरों को बिजली कनेक्शन देने संबंधी दावे की पड़ताल शुरू हो गई है। ऊर्जा विभाग ने एक कंपनी को सच्चाई पता लगाने की जिम्मेदारी सिपुर्द की है। यदि किसी घर में बिजली कनेक्शन नहीं होने की बात सामने आई तो शीघ्र उस घर को कनेक्शन मुहैया कराया जाएगा।

वंचितों की हो रही पड़ताल

पूर्वी सिंहभूम के सभी गांवों में बिजली पहुंच गई है। जेबीवीएनएल एक कंपनी से इसकी पड़ताल करा रही है। अगर पड़ताल में कोई वंचित गांव, टोला या घर पाए गए तो वहां विद्युतीकरण कराया जाएगा।


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