जम्मू और कश्मीर परिसीमन प्रक्रिया 31 अक्टूबर के बाद शुरू हो सकती है,14 महीने में होगा पूरा

Jammu and Kashmir delimitation process can begin after 31 October

जम्मू और कश्मीर से धारा 370 हटाये जाने के बाद राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित कर दिया गया । एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के अनुसार जम्मू-कश्मीर के संसदीय और विधानसभा क्षेत्रों का परिसीमन 31 अक्टूबर से शुरू होगा, जो राज्य का केंद्र शासित प्रदेश बनने के लिए नियत दिन है। एक रिपोर्ट के अनुसार पूरी योजना को पूरा होने में लगभग 14 महीने लगेंगे।

जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग एक सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में होगा, और यह प्रक्रिया 31 अक्टूबर के बाद शुरू होगी। पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, चुनाव आयोग 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन का कार्य करेगी ।

सूत्रों ने कहा कि चुनाव आयोग की योजना के अनुसार, पूरी प्रक्रिया नौ से 10 चरणों में पूरी होगी और यह प्रक्रिया गृह मंत्रालय से आधिकारिक अधिसूचना प्राप्त होते ही शुरू हो जाएगी। कहा जाता है कि चुनाव आयोग ने वर्ष 2000-2001 में उत्तराखंड में अपने अनुभव के आधार पर रिपोर्ट तैयार की थी।

Jammu and Kashmir

2011 की जनगणना के अनुसार, जम्मू की जनसंख्या 6,907,623 थी, जबकि कश्मीर की जनसंख्या 5,350,811 थी। J & K पुनर्गठन अधिनियम के अनुसार, J & K विधान सभा की UT की सीटों की संख्या 107 से बढ़कर 114 हो जाएगी, जिसमें से 24 सीटें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के लिए रखी गई हैं।

एक अधिकारी के अनुसार अन्य राज्यों के विपरीत, भारत के संविधान के अनुच्छेद 170 के तहत जम्मू और कश्मीर में परिसीमन नहीं किया गया था। 2002 में, राज्य में तत्कालीन नेशनल कांफ्रेंस सरकार ने जम्मू और कश्मीर के जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1957 और जम्मू-कश्मीर के संविधान की धारा 47 (3) में संशोधन किया, जिससे राज्य के निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन हुआ।

गौरतलब है की संसद ने पिछले महीने राज्य को दो हिस्सों में बांटने के कानून को मंजूरी दे दी थी। जिसके बाद राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने जम्मू-कश्मीर, और दो केंद्र शासित प्रदेशों, जम्मू और कश्मीर, और लद्दाख के विभाजन के कानून पर सहमति दी। दोनों केंद्र शासित प्रदेशों में, कानून और व्यवस्था जैसे प्रमुख विषय केंद्र के पास होंगे।