जम्मू-कश्मीर और लद्दाख आज से दो नए केंद्रशासित प्रदेश, अब देश में है एक संविधान एक कानून

  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Jammu and Kashmir and Ladakh are two new union territories from today

जम्मू-कश्मीर का इतिहास और भूगोल दोनों बीती रात से बदल गए। बुधवार देर रात से देश के सबसे उत्तरी राज्य जम्मू कश्मीर का दर्जा खत्म हो गया। वहीं देश में दो नए केंद्रशासित प्रदेश जम्मू् कश्मीर और लदाख अस्तित्व में आ गए। आज गिरीश चन्द्र मुर्मू और राधाकृष्ण माथुर ने क्रमश: जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के प्रथम उपराज्यपाल के तौर पर शपथ लिया। जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल, मुर्मू और माथुर दोनों को शपथ दिलाई। गिरीश चन्द्र मुर्मू वर्तमान में वित्त मंत्रालय में व्यय सचिव के रूप में कार्यरत्त थे, वे गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, उस समय गिरीश चन्द्र मुर्मू उनके प्रधान सचिव थे। वहीँ माथुर त्रिपुरा से 1977 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने आईआईटी से इंडस्ट्रियल इंजीनियरिंग में स्नातकोत्तर किया है। वह वर्ष 2015 में रक्षा सचिव के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। बता दें कि 5 अगस्तत को गृह मंत्री अमित शाह ने 72 साल पुराना इतिहास बदलकर कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के साथ ही केंद्र शासित प्रदेशों के गठन की घोषणा की थी।

बदला इतिहास

भारतीय इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी राज्य को दो केंद्रशासित प्रदेशों में तब्दील किया गया है। इसके साथ ही देश में राज्यों की संख्या 28 रह गई और केंद्रशासित प्रदेशों की संख्या बढ़कर नौ हो गई। आज राष्ट्र पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मनाने के लिए ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ मना रहा है, इसी दिन के साथ जम्मू-कश्मीर के संविधान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा। सरदार पटेल को भारत संघ में 560 से अधिक राज्यों का विलय करने का श्रेय जाता है।

जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 के मुताबिक संघ शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में विधानसभा होगी, जबकि लद्दाख चंडीगढ़ की तर्ज पर बिना विधानसभा वाला केंद्रशासित प्रदेश होगा। बृहस्पतिवार को केंद्रशासित प्रदेश बनने के साथ ही जम्मू-कश्मीर और लद्दाख की कानून-व्यवस्था और पुलिस पर केंद्र का सीधा नियंत्रण होगा। अब पुरे देश में एक समान एक कानून लागू हो गया है।

दोनों केंद्रशासित प्रदेशों में 100 से ज्यादा नए कानून लागू

जम्मू -कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाले 150 से ज्यादा पुराने कानून खत्म हो जाएंगे, जबकि आधार समेत 100 से ज्यादा नए कानून लागू हो गए हैं। लागू कानूनों में आधार, मुस्लिम विवाह विच्छेद, सूचना का अधिकार, शिक्षा का अधिकार, मनरेगा, भ्रष्टाचार निवारक, मुस्लिम महिला संरक्षण और शत्रु संपत्ति शामिल हैं।

अल्पसंख्यकों को मिलेंगे लाभ

जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यक आयोग नहीं होने के चलते अल्पसंख्यकों के लिए बनी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा था। केंद्रशासित प्रदेश बनते ही अल्पसंख्यक समुदाय की प्रदेश आधारित परिभाषा लागू होगी, जिसमें मुस्लिम बहुल प्रदेश जम्मू-कश्मीर के अन्य समुदायों को अल्पसंख्यकों की सुविधाएं मिलेंगी।

 


  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •