मोहब्बत की निशानी ‘ताज महल’ की दिवानी हुई इवांका ट्रम्प

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सोमवार को आगरा में मोहब्बत की निशानी ताजमहल का दीदार करने अपनी पत्नी मेलानिया के साथ पहुंचे। ताजमहल देखने पहुंचे ट्रंप ने यहां इस ऐतिहासिक धरोहर की जानकारी ली और इस यात्रा के लिए भारत के लोगों का शुक्रिया भी कहा। डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका और उनके पति जेरेड कुशनर ने भी ताजमहल का दीदार किया। करीब 40 मिनट से ज्यादा वक्त बिताने के दौरान ट्रंप परिवार ने ताजमहल की दीवारों से लेकर यहां के मुगल गार्डन के बेहद करीब से देखा।

डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इंवाका ने अपने मोबाइल में खुबसूरत ताज की कई तस्वीरें कैद की। साथ ही वो अपने पति जेरेड के साथ भी यहां कई तस्वीरें खिंचाई।

इवांका ने इंस्टाग्राम पर शेयर किया ताज की तस्वीरें

इवांका ने अपने पति जैरेड के साथ ताजमहल की बारीकियों को समझ रही थी। अपने पति जैरेड के साथ हाथ से हाथ मिलाकर चल रही इवांका ने ताजमहल के फाउंटेन के सामने खड़े होकर फोटो खिंचाए। इवांका ट्रंप ताजमहल देखकर बहुत ही रोमांचित दिखाई दे रही थी। उन्होंने अपने साथ आए लोगों के साथ बेंच पर बैठकर फोटो भी खिंचाए। ताजमहल की यात्रा से लौटने के बाद इवांका ने इस खास मौके की तमाम तस्वीरों को अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया। इवांका ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखा कि ताजमहल की भव्यता और इसकी सुंदरता हम सभी को प्रेरणा देने वाली है।

इवांका के साथ पहली बार भारत की यात्रा पर आए उनके पति डेविड कुशनर ताजमहल की खूबसूरती को निहारते दिखे। खुद इवांका उनके साथ इस खास इमारत के हर पहलू को जानने की कोशिश करती दिखीं।

विजिटर बुक में ट्रंप ने लिखा – थैंक्यू इंडिया

ऐतिहासिक ताजमहल के रॉयल गेट से प्रवेश के बाद ट्रंप ने यहां की विजिटर बुक में भारत के लोगों के लिए खास संदेश लिखा। ताजमहल की विजिटर बुक में डोनाल्ड ट्रंप ने लिखा- ताज महल हमें प्रेरणा देता है। यह भारत की संस्कृति की विभिन्नता और संपन्नता की शानदार विरासत है। थैंक्यू इंडिया।

बता दे की ताज को मोहब्बत की निशानी भी माना जाता है। मोहब्बत की निशानी ताजमहल खूबसूरती का एक नायब उदहारण पेश करती है। शाहजहां ने इसे अपनी बेगम मुमताज की याद में इसका निर्माण कराया था, जिसकी खूबसूरती की पूरी दुनिया दीवानी है। अपनी सुन्दरता के कारण ही इस इमारत को दुनिया के साथ अजूबों में शुमार किया जाता है। इसकी भव्यता और सुन्दरता के कारण 1983 में ताजमहल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल में शामिल किया गया।