बालाकोट एयरस्ट्राइक: इटली के पत्रकार का दावा, 45 आतंकी अब भी अस्पताल में

विदेशी पत्रकार का दावा एयर स्ट्राइक में जैश के 130-170 आतंकी मारे गए, अभी भी घायल 45 आतंकी अस्पताल में भर्ती हैं।

विपक्ष ने उठाए थे सवाल

बालाकोट एयरस्ट्राइक (Balakot air strike) के मसले पर कांग्रेस, विपक्ष या पाकिस्तान चाहे जितनी भी ना-नुकुर क्यों ना कर ले लेकिन सच तो सच है, जो छुपाए नहीं छुपता। आपको बता दें कि लगातार विपक्ष सबूत माँगता आया है  शायद अब इस खबर के बाद वो इस बारे में बोलने की हिम्मत भी न करें |

बालाकोट_एयरस्ट्राइक

आपको बता दें कि अब इस मसले पर इटली के एक पत्रकार (Italian journalist) फ्रेंसेसा मैरिनो ने दावा किया है कि, भारत द्वारा पीओके के बालाकोट में की गई एयर स्ट्राइक में जैश के 130-170 आतंकी मारे गए थे। पत्रकार ने यहां तक कहा कि भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) द्वारा किए गए इस हमले में घायल 45 आतंकी अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। पत्रकार फ्रेंसेसा मैरिनो ने STRINGERASIA.IT में इस घटना का पूरा विवरण छापकर देश दुनिया के लोगों को हैरान कर दिया है। साथ अब अब सबको इस बात को भी मानना होगा की भारत की सेना और भारत सरकार अपने देश के लिए कुछ भी कर सकती है|

पत्रकार ने लिखा, ‘भारतीय वायु सेना ने तड़के साढ़े तीन बजे हमला किया। मेरी सूचना के मुताबिक, शिंकयारी आर्मी कैंप से सेना की एक टुकड़ी घटनास्थल पर पहुंची। सेना की टुकड़ी हमले के दिन सुबह 6 बजे घटनास्थल पर पहुंची। शिंकयारी बालाकोट से 20 किलोमीटर दूर है और यह पाकिस्तान आर्मी का बेस कैंप भी है। इस जगह पर पाकिस्तानी सेना की जूनियर लीडर्स एकेडमी भी है। आर्मी की टुकड़ी के बालाकोट पहुंचते ही वहां से कई जख्मी लोगों को पाकिस्तान आर्मी के अस्पताल पहुंचाया गया। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक आर्मी कैंप के अस्पताल में अभी भी तकरीबन 45 लोगों का इलाज चल रहा है। इलाज के दौरान 20 लोगों की मौत हो चुकी है। इलाज के बाद जो लोग स्वस्थ हो गए हैं उन्हें पाकिस्तान आर्मी ने अपनी कस्टडी में रखा है और उन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज नहीं किया गया है। मृतकों की संख्या 130-170 तक हो सकती है।’

एयर_स्ट्राइक_की_सच्चाई_दबाने की कोशिश

इटैलियन पत्रकार मैरिनो ने आगे बताया, ‘जो कैडर (आतंकी) मारे गए उनमें 11 ट्रेनर भी हैं| मृतकों में कुछ बम बनाने और हथियार चलाने की ट्रेनिंग देने वाले भी लोग हैं. जिन परिवारों के लोग इस हमले में मारे गए, उनकी ओर से कोई जानकारी बाहर लीक न हो, इसके लिए भी जैश ए मोहम्मद ने पूरे बंदोबस्त किए. मृतकों के घर जाकर जैश के आतंकियों ने मुआवजा तक दिया|’

सूत्रों ने कहा कि जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में 14 फरवरी को हुए आत्मघाती हमले के महज दो दिनों बाद सरकार को खुफिया जानकारी मिली थी| सूत्र ने बताया कि खुफिया जानकारी में भारत के किसी भी हिस्से में अन्य आत्मघाती हमले के बारे में चेतावनी दी गई थी, जिसके पुलवामा की तुलना में ज्यादा बड़ा होने की बात कही गई थी| जानकारी मिलने के तुरंत बाद सरकार के आला अधिकारियों और संबंधित मंत्रियों, सेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के बीच सिलसिलेवार बैठकें हुईं, ताकि जेईएम आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब दिया जा सके|

पुलवामा हमले ने पुरे देश को झकझोर के रख दिया था जहाँ एक ओर प्रधानमंत्री इस बात की चिंता में थे की इस घटना का बदला कैसे लें वही दूसरी और विपक्ष इस मुद्दे को भी अपने राजनीति करने में इस्तेमाल कर रही थी| साथ ही जब बालाकोट हुआ विपक्ष पिछली सर्जिकल स्ट्राइक की तरह फिर से सबूत माँगा और यही नहीं अपने सेना के शौर्य पर भी सवाल उठाए |