मोदी सरकार की विदेश नीति का ही असर है कि आज अमेरिका भी भारत के साथ खड़ा दिख रहा है

भारत की विदेश नीति को लेकर देश में तमाम तरीके के सवाल खड़े किये जा रहे हैं लेकिन मोदीराज में भारत की विदेश नीति का ही असर है कि आज दुनिया के सभी मुल्क भारत को नाराज करनानहीं चाहते हैं। फिर वो अमेरिका क्यों ना हो। रूस के साथ चल रहे ताजे विवाद के बाद भी अमेरिका ने साफ किया है कि वो भारत के साथ अपने रिश्ते मजबूत रखेगा और दोनो देश के बीच रूस केसाथ तनाव बीच में नही आयेगा।

अमेरिका की दो टूक अपनी खूबियों पर टिके हैं भारत से रिश्ते

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन के प्रशासन ने कहा है कि भारत के साथ अमेरिका के संबंध अपनी विशेषताओं पर आधारित हैं और रूस के साथ जारी तनाव का इन पर असर नहीं पड़ा है। प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा, ‘रूस के सैन्य जमावड़े और यूक्रेन के खिलाफ उसकी अकारण संभावित आक्रामकता केबारे में हमारी चिंताओं पर हम अपने भारतीय साझेदारों सहित दुनिया भर के दर्जनों देशों के साथ संपर्क में हैं’ लेकिन इस मुद्दे को लेकर भारत के साथ अमेरिका के सम्बन्ध खराब हो ऐसा बिलकुल नहीं है। भारत और अमेरिका एक अच्छे दोस्त है और रहेंगे।

विंटर ओलंपिक का राजनयिक बहिष्कार पर भी मिला अमेरिका का साथ

इसके साथ-साथ चीन में चलने वाले विंटर ओलंपिक के भारत के राजनयिक बहिष्कार परभी अमेरिका का साथ मिला है। गौरतलब है कि गलवान में घायल चीनी सैनिक को मशाल देनेपर भारत ने आपत्ति जताई थी औऱ इस खेल आयोजन का राजनीतिकरण करने का चीन परआरोप लगाया था जिसके बाद अमेरिका ने भी भारत का साथ देते हुए इस  घटना को बेहद शर्मनाक घटना बताया है। जिससे ये साफ होता है कि अमेरिका जैसा देश जो कभी भारत के पक्षमें खड़ा भी नही होता था वो आज हर मुद्दे पर भारत के साथ खड़ा ही नहीं हो रहा बल्किभारत की हर बातको स्वीकार भी रहा है। यही तो आज के भारत की ताकत है। और कुछ लोगदेश के विदेश नीति पर ही सवाल खड़ा करते हैं कि देश कि विदेश नीति इस वक्त सबसे ज्यादा खराब है। जो की सच है वो सिर्फ ऐसा सियासत करने के लिये बोलते हैं ।

ऐसे में अब उन लोगों को ये देख लेना चाहिये कि पिछले सात सालो में भारत विदेश नीति कोलेकर जितना मजबूत हुआ है वो पहले कभी नहीं था तभी आज रूस हो या अमेरिका दोनो ही भारत केसाथ खड़े होने के लिये हमेशा आगे दिखाई देते हैं। जिससे ये समझ आता है कि मोदी सरकारसही मायने में आंख में आंख डालकर बात करती है।