है न गर्व की बात: 71 देशों में 6 करोड़ वैक्सीन की डोज भारत ने मुफ्त में दी

कोरोना महामारी की शुरूआत में जिस तरह से भारत ने देश में लॉकडाउन लगाकर करोड़ भारतीयों की जान बचाई तो बाद में आत्मनिर्भर मंत्र के जरिये लोगों के रोजगार पर पड़ी चोट को भी ठीक किया जिसकी तारीफ दुनिया भर में हुई विश्व संगठन हो या दुनिया के दिग्गज देश सभी ने कोरोना से भारत के निपटने के तरीके का लोहा माना ठीक उसी तरह इस वक्त कोरोना महामारी में भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी की दुनियाभर में तारीफ हो रही है। अपनी वैक्सीन डिप्लोमेसी के दम पर भारत दुनिया के सिरमौर देशों में से एक बनकर उभरा है। भारत ना सिर्फ उन प्रमुख देशों में शामिल है, जिसने कोरोना की वैक्सीन बनाई बल्कि वैक्सीन की करीब 6 करोड़ डोज दुनिया के विभिन्न देशों को भी भेजी हैं।

71 देशों को मेक इन इंडिया वैक्सीन की धूम

भारत ने बीते 55 दिनों में 5 करोड़ 86 लाख वैक्सीन की डोज दुनियाभर के 71 देशों में भेजी हैं।जिन देशों को कोरोना वैक्सीन भेजी गई हैं, उनमें कई देश कम विकसित और गरीब हैं।सबसे बड़ी बात यह है  कि करीब 6 करोड़ वैक्सीन में से 80.75 लाख वैक्सीन की डोज भारत ने अपने पड़ोसी देशों को मुफ्त बतौर गिफ्ट भेजी थीं।1 करोड़ 65 लाख डोज संयुक्त राष्ट्र के कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत भेजी हैं। वहीं 3 करोड़ 39 लाख डोज कमर्शियल डील के तौर पर भेजी गई हैं। भारत में निर्मित वैक्सीन दुनिया के 37 देशों को मुफ्त में मिली है, जिनमें से 17 देशों को कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत मिली हैं। आज दुनिया का कोई ऐसा कोना नहीं है जहां भारत की वैक्सीन न पहुंची हो इतना ही नही भारत वैक्सीन के साथ साथ सिरंज निर्यात करने वालों देस में भी सबसे आगे है। भारत करीब 120 देशों में सिरंज भी भेज चुका है।

Vaccine Maitri: Consignment of covid vaccines airlifted for Guyana,  Jamaica, Nicaragua

देशवासियों के साथ साथ पड़ोसी देशों को दी मदद

बांग्लादेश को 90 लाख डोज मुफ्त भेजी गई हैं। वहीं पाकिस्तान के साथ भले ही हमारे संबंध अच्छे नहीं चल रहे हैं लेकिन कोवैक्स मैकेनिज्म के तहत पाकिस्तान भी मेड इन इंडिया वैक्सीन भेजी गई हैं। भारत ने ना सिर्फ पड़ोसी देशों को बल्कि अर्जेंटीना, ब्राजील, इजिप्ट और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों को भी वैक्सीन उपलब्ध कराई है। भारत की इस वैक्सीन डिप्लोमेसी की सबसे बेहतरीन बात ये है कि जो वैक्सीन विदेशों को भेजी गई हैं, उनमें से 50 फीसदी कम विकसित देशों को और एक तिहाई छोटे द्वीपीय देशों को भेजी गई हैं जो ये बताता है कि भारत दुनिया को एक परिवार की तहर देखता है और इसीलिये एक जिम्मेदार सदस्य के नाते आगे बढ़कर विपदा के वक्त दुनिया की मदद करता है। भारत की वैक्सीन डिप्लोमेसी से दुनिया के कई बड़े देश प्रभावित हुए है तभी क्वाड देशों ने वैक्सीन डिप्लोमेसी को और ज्यादा बूस्ट करने का फैसला लिया है। इसके तहत भारत की वैक्सीन मैन्युफैक्चर करने की क्षमता, अमेरिका की टेक्नोलॉजी, साथ ही अमेरिका और जापान के फाइनेंस और आस्ट्रेलिया की लॉजिस्टिक क्षमता के दम पर साल 2022 तक आसियान देशों, प्रशांत महासागर के देशों और अन्य देशों को करीब एक बिलियन वैक्सीन की डोज उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

यानी एक बार फिर भारत ने साबित कर दिखाया कि भारत कैसी भी विपदा हो उससे उबरने के साथ साथ दूसरो को उबारने की भी क्षमता रखता है और ऐसा भारत कई बार करके दिखा चुका है।