खुद फेल हुए इसका मलाल नहीं पर तुम पास नही हुए इसकी खुशी मनाने वाली सियासत

5 राज्यों के चुनावी नतीजे आ चुके हैं, नतीजों के आने के बाद से ही कुछ लोग ऐसा माहौल बनाने में लगे है कि जैसे मोदी जी की बड़ी हार हो गई है। जबकि हकीकत में नतीजों को देखे तो मोदी जी और मजबूत होकर उभरे हैं क्योंकि जहां असम में दोबारा से उन्होने सरकार बनाई है वही दक्षिण में पुडुचेरी में भी सरकार बनाने जा रही है। वही बंगाल की बात करे तो पिछले चुनाव में 3 सीट पर जीतने वाली पार्टी आज दूसरे नबंर पर उभरकर आई है जो ये बता रही है कि चुनाव में जनाधार बढ़ा है घटा नहीं है।

असम में दोबारा तो पुडुचेरी में खिला कमल

सबसे पहले बात करते है असम की जहां एक बार फिर से राजग को पूर्ण बहुमत मिल गया है। 126 सीटो में 74 सीटों में राजग तो 50 सीटो में कांग्रेस गठबंधन ने जीत हासिल की। सबसे खास बात ये है कि इस बार पिछली बार से ज्यादा सीटों से जीत कर राजग सत्ता पर काबिज होगी जो ये साफ बताती है कि मोदी जी के विकास के मॉडल के साथ असम खड़ा है। इसी तरह अगर दक्षिण के किले मे पहली बार मोदी जी की टीम सरकार बनाने जा रही है। क्योकि पुडुचेरी में भी इस बार राजग की बड़ी जीत हासिल की है जो ये बताता है कि मोदी सरकार के काम से लोग किस तरह से संतुष्ट है। हां ये जरूर है कि बंगाल में मोदी जी की टीम सत्ता पर काबिज ना हो पाई हो लेकिन जनता के दिल में खूब जगह बनाई है तभी तो 3 सीट से आज 84 सीट जीतकर दूसरे नबंर पर आ गई है। जबकि 34 साल तक राज्य करने वाली पार्टी और 70 साल पुरानी पार्टी का नामोनिशान इस चुनाव में बंगाल में मिट गया है।

खुद की हार पर मंथन के बजाये दूसरे की हार का जश्न 

5 राज्यों के नतीजे के आने के बाद देश में एक अलग सा माहौल देखने को मिला जो ज्यादातर सियासत में देखने को मिलता नहीं। पहली बार ये देखने को मिल रहा है कि दुश्मन के जीतने पर दूसरा दुश्मन खुश हो रहा है और वो इस लिये क्योकि उसका तीसरा दुश्मन जो हार गया है। ये दौर सियासत में शायद पहली बार देखा गया होगा जब चुनाव हारने के बाद मंथन की जगह खुश होकर बधाई दी जा रही है कि आपने तीसरे दुश्मन हो हरा दिया। ये तस्वीर साफ बता रही है मोदी जी से टक्कर लेने में वो अपने आपको पूरी तरह से हारे हुए मान बैठे है तभी तीसरे के कंधे पर बंदूक रखकर वो अपने आपको जीता बताने में लगे होगे जो अपने आप में एक गजब सी तस्वीर पेश करती है।

वैसे आप इशारा समझ गये होंगे कि हम बात किसकी कर रहे है। लेकिन उनके साथ कुछ दरबारी मीडिया भी खूब मोदी जी पर तंज कसने में लगा है। तस्वीर यही पेश कर रही है कि ये मोदी जी की हार है। जबकि ये हार उन लोगों की है जो एक होकर भी मोदी जी की गति को मंद नहीं कर पाये।