कोरोना काल में ISRO की छलाग, अंतरिक्ष से हर मौसम में भारत धरती पर रख सकता नजर

कोरोना काल में इसरो ने अंतरिक्ष में एक और मुकाम को हासिल किया है। इसरो ने अपनी तकनीक का लोहा मनवाते हुए PSLV-C49 के जरिए 10 उपग्रहों को लॉन्च किया। इसमें से 9 अंतरराष्ट्रीय उपग्रह हैं, जबकि एक भारत का अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट (EOS-01) है। सभी उपग्रह सफलतापूर्वक अपनी कक्षा में अलग हो गए और इंजेक्ट भी हो गये है।

कोरोना काल में इसरो का यह पहला अंतरिक्ष मिशन

एक बार फिर शनिवार का दिन भारत के लिए खुशखबरी लेकर आया जब इसरो ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर आसमान को चीरकर PSLV-C49 सफलता की नई इबारत लिख रहा है। बता दें कि जिन 10 उपग्रहों की आज लॉन्चिंग हुई है उनमें से भारत का एक, लिथुआनिया का एक, लक्समबर्ग के चार और अमेरिका के चार सैटेलाइट हैं। आपको ये भी पता होना चाहिये कि भारत की उपग्रह लॉन्च करने में सबसे बेहतरीन बना जाता है और इसीलिये विश्व के देश भारत के जरिये अपने सैटेलाइट लॉन्च करवाते है। वही दूसरी तरफ कीमत के मामले में भी रूस, अमेरिका और चीन जैसे देशों से कम ही होती है।

हर मौसम, दिन-रात पृथ्वी पर रहेगी भारत की नजर

ईओएस-01 अर्थ ऑब्जरवेशन रिसेट सैटेलाइट का ही एक एडवांस्ड सीरीज है। इसमें सिंथेटिक अपर्चर रडार (एसएआर) लगा है, जो किसी भी समय और किसी भी मौसम में पृथ्वी पर नजर रख सकता है। इस सैटेलाइट की सबसे बड़ी खासियत है कि इससे बादलों के बीच भी पृथ्वी को देखा जा सकता है और स्पष्ट तस्वीर खींची जा सकती है। यह दिन-रात की तस्वीरें ले सकता है और निगरानी करने के साथ-साथ ही नागरिक गतिविधियों के लिए उपयोगी है। मतलब साफ है कि भारत के पास अब वो आंख आ गई है जिससे देश के दुश्मन बिलकुल भी नही बच सकते है। क्योकि ये हर मौसम में उनपर नजर रखने में सक्षम है। इस सफलता के बाद देश के दुशमन जरूर परेशान हो रहे होगे कि एक तरफ भारतीय फौज एक से बढ़कर एक हथियारों से लैस हो रही है तो दूसरी तरफ अंतरिक्ष में भी नई नई कामयाबी के इतिहास गढ़ रही है।

कोरोना काल में इसरो की ये कामयाबी जरूर पूरे देश को सकरात्मक ऊर्जा प्रदान करेगी। क्योकि इससे ये साफ हो गया है कि कोरोना कितना भी अपना प्रकोप दिखाये पर देश की तरक्की को लेकर जहां जहां मिशन चल रहा है उसपर वो ब्रेक नही लगा पाया है और न ही लगा पायेगा।