ISI दे रहा भारत में आतंकी हमले के लिए रोहिंग्या मुसलमानों को ट्रेनिंग

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भारतीय खुफिया एजेंसियों के हवाले से ये खबर आई है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI बांग्लादेश में रोहिंग्या मुसलमानों के एक ग्रुप को ट्रेनिंग दे रही है| ISI की इस साज़िश में आंतकी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन भी मदद कर रहा है|

बांग्लादेश के कॉक्स बाजार इलाके के 40 रोहिंग्या मुसलमानों को ट्रेनिंग

ख़ुफ़िया सूत्रों के मुताबिक 40 रोहिंग्या मुसलमानों को ISI जमात-उल-मुजाहिदीन के जरिये भारत में आतंकी वारदात करने की ट्रेनिंग दे रहा है| ये सभी आतंकी बांग्लादेश के कॉक्स बाजार इलाके में रहने वाले हैं| बता दें कि कॉक्स बाजार इलाके में बड़ी संख्या में म्यांमार से भागकर आए रोहिंग्या मुसलमानों ने शरण ली है।

ISI दे रहा ट्रेनिंग के लिए पैसे

जमात-उल-मुजाहिदीन को रोहिंग्या मुसलमानों को ट्रेनिंग के लिए ISI के द्वारा फंडिंग हो रही है| पहली किश्त में जमात-उल-मुजाहिदीन को एक करोड़ टका (बांग्लादेशी करेंसी) दिया गया है| बताया जा रहा है कि इनकी फंडिंग सऊदी अरब और मलेशिया के जरिए हो रही है|

NIA को भी दी गयी खबर

खुफिया एजेंसियों ने यह जानकारी नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) से भी साझा की है। इसके बाद सीमा पर तैनात सुरक्षाबलों को अलर्ट किया गया है। NIA चीफ के मुताबिक, “जमात-उल-मुजाहिदीन ने बांग्लादेशी शरणार्थियों की आड़ में झारखंड, बिहार, महाराष्ट्र, कर्नाटक, और केरल जैसे राज्यों में अपनी गतिविधियां तेज की हैं। जमात-उल-मुजाहिदीन ने 2014 से 2018 के भीतर अकेले बेंगलुरु में 20-22 ठिकाने बनाए और इसे दक्षिण भारत के दूसरे राज्यों तक फैलाने की कोशिश की। इतना ही नहीं, जमात-उल-मुजाहिदीन ने कर्नाटक सीमा पर कृष्णागिरी की पहाड़ियों में रॉकेट लॉन्चर तक टेस्ट किए हैं।“

उल्लेखनीय है कि जमात-उल-मुजाहिदीन ने भारत में 2007 में कदम रखा और शुरुआत में पश्चिम बंगाल और असम को अपना ठिकाना बनाया और फिर देश के अन्य राज्यों में अपनी पैठ बनाई।

पाकिस्तान ने LOC पर विफल होने के बाद बांग्लादेश को चुना

ये जगजाहिर है कि बीते कुछ सालों में भारत पाकिस्तान सीमा पर भारतीय सुरक्षाबलों की कड़ी कारर्वाई से आतंकी घुसपैठ और वारदातों को अंजाम देने में पाकिस्तान असफल रहा है| इसीलिए अब उसने भारत के खिलाफ कारर्वाई को अंजाम देने के लिए बांग्लादेश का रास्ता चुना है|


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