कश्मीर में बढ़ती गतिविधियों से बौखलाया आइएसआई, 15 अगस्त को घाटी में किसी बड़े हमले की रच रहा साजिश

ISI scared of escalating activities in Kashmir

15 अगस्त यानि की स्वतंत्रता दिवस में अभी भी 16-17 दिन शेष है पर देश में इसे मनाने के तैयारियां जोर शोर से चल रही है | वहीँ दूसरी तरफ सरकार इस खास दिन के सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने में लगी हुई है | इसी क्रम में जम्मू-कश्मीर में बीते शनिवार को अतिरिक्त अर्धसैन्य बलों की तैनाती की गयी | इस तैनाती के साथ ही घाटी में आर्टिकल 35 ए या 370 को हटाने के फैसले पर चर्चा तेज हो गई | पर इन चर्चो और टिप्पणियों का विरोध करते हुए एक ख़ुफ़िया अधिकारी ने बयान जारी किया की घाटी में सैनिको की तैनाती आतंकी साजिश को नाकाम करने के लिए किया गया है |

अधिकारीयों का कहना है की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा कश्मीर में अलगाववादियों के ठिकानों पर हो रही छापेमारी से कश्मीर में आतंकवाद की घटनाओं में कमी आई है जिससे आईएसआई पूरी तरह बौखलाया हुआ है और गुप्त जानकारियों के मुताबिक 15 अगस्त को घाटी में किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी कर रहा है | और इसलिए सरकार ने घाटी की सुरक्षा के मद्देनज़र अतिरिक्त अर्धसैन्य बलों की तैनाती की है |

एनआईए की लगातार हो रही रेड से बौखलाया आईएसआई

रविवार की सुबह NIA की टीम ने सीआरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर बारामुला इलाके में चार जगहों पर छापा मारा है | पिछले कुछ दिनों में NIA ने पाकिस्तान से हो रहे टेरर फंडिंग की साजिश में शक के दायरे में रहे कश्मीर के कई इलाकों में छापेमारी की है |

घाटी के लोगों में आई स्थिरता से आतंकियों में निराशा का माहौल

पिछले कुछ दिनों में घाटी में सनिकों की कड़ी निगरानी से और आतंकियों पर उनके ऑपरेशन से आतंकी हमले की घटना न के बराबर रही उसके साथ ही पत्थरबाज़ी की घटनाओ में भी कमी आई है | इसके साथ ही घाटी में पर्यटन छेत्र में काफी इजाफा देखने को मिल रहा है | अमरनाथ यात्रा में भी श्रधालुओं के आंकड़ों में इजाफा रिकॉर्ड किया गया है | गुप्त जानकारों के अनुसार घाटी में बढती स्थिरता और शांति से घाटी में मौजूद आतंक के पाकिस्तानी मोहरों में निराशा बढ़ रही है और इसीलिए वो घाटी में किसी बड़े हमले की साजिश कर रहे है |

घाटी में जवानों की अतिरिक्त तैनाती से हलचल तेज

कश्मीर के विशेष दर्जे से जुड़े आर्टिकल 370 और घाटी से 35ए को हटाना मोदी सरकार के अजेंडे में है और पहले जब सरकार ने कश्मीर में अर्धसैन्य बलों की 100 टुकड़ियां भेजी तो सरकार के इस फैसले को सरकार के अजेंडे से जोड़ा गया | बता दे की कश्मीर के विशेष दर्जे से जुड़े आर्टिकल 370 और घाटी से 35ए हटाने की मांग का मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में है और इसलिए सरकार जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं ले सकती पर एक बात तो तय है की सरकार अपने अजेंडे को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी |

सूत्रों का कहना है की घाटी में 35ए को हटाये जाने के फैसले पर घाटी में मौजूद असामाजिक तत्व हिंसा की घटनाओ को अंजाम देने की कोशिश करेंगे तब घाटी इसे कंट्रोल करने की के लिए भी अतिरिक्त अर्धसैन्य बलों की आवस्यकता होगी इसलिए भी सरकार ने ये फैसला लिया है |