क्या भारत में पस्त हो रहा कोरोना ?

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कोरोना मामले में भारत के लिए एक अच्छी खबर है। देश में पिछले 24 घंटे में 66,550 मरीज ठीक होने के बाद कुल 24.04 लाख लोग अभी तक संक्रमण मुक्त हो चुके हैं। इससे ठीक होने की दर 72.92 फीसद पर पहुंच गई है। खास बात यह है कि पिछले 25 दिनों में मरीजों के ठीक होने की दर में 100 फीसद से अधिक की वृद्धि हुई है वहीं अब तक 24 लाख मरीज स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।

महज कुछ दूर है कोरोना से जीत

पूरे मसले का लब्बो–लुआब यही है कि आहिस्ता–आहिस्ता कोविड–19 पस्त होने की तरफ है। हालांकि अभी भी कोरोना संक्रमण के मामलों में भारत दुनिया का तीसरा सबसे प्रभावित देश है। देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 32 लाख के पार जा चुकी है। पिछले 24 घंटों में कोरोना के 67,151 नये मरीज सामने आए। राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। मृत्यु दर गिरकर 1.83 फीसद हो गई है। इसके अलावा‚ एक्टिव केस‚ जिनका इलाज चल रहा है‚ उनकी  दर भी घटकर 22 फीसद हो गई है। इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 76 प्रतिशत हो गई है यानी देश में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है। आईसीएमआर के मुताबिक‚ 25 अगस्त तक कोरोना वायरस के कुल 3 करोड़ 95 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं‚ जिनमें से 1 लाख सैंपल की टेस्टिंग मंगलवार को की गई। पॉजिटिविटी रेट 7 प्रतिशत से कम है। दूसरी ओर‚ देश में कोरोना टेस्ट भी ज्यादा संख्या में किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक प्रति दस लाख की आबादी पर कोविड़–19 संबंधी जांच की संख्या बढकर 26‚685 हो गई है। स्वाभाविक रूप से ज्यादा टेस्ट होंगे तो मामले भी बढ़ेंगे लेकिन लोगों को इस बात को लेकर ज्यादा परेशान होने की जरूरत नहीं है। बल्कि जिस तरह के ऑकड़े सामने आ रहे है उससे यही लगता है कि भारत ने कोरोना पर जिस तरह से शिकंजा कसा उसका नतीजा है कि दुनिया की सबसे ज्यादा आबादी होने के बाद भी कोरोना उस तरह से पैर नही फैला पाया जैसा विश्व सोच रहा था। जिसे कोरोना को लेकर भारत की जीत कहा जाए तो गलत न होगा।

वैक्सीन के भी करीब भारत

दूसरी तरफ भारत कोरोना को लेकर बनाई जा रही वैक्सीन के मामले में भी काफी करीब पहुंच चुका है। खुद लालकिले से पीएम मोदी ने जनता को विश्वास दिलाया था कि कोरोना वैक्सीन पर काम तेजी से हो रहा है। और जीत के काफी करीब हम पहुंच चुके है। जिसके बाद खुद स्वास्थय मंत्री भी ऐलान कर चुके है कि देश में साल खत्म होने से पहले वैक्सीन आ चुकी होगी। उधर एक और खुशखबरी सामने आई है कि भारती विद्यापीठ मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ने कहा है कि जिन दो लोगों को ऑक्सफोर्ड की ओर से बनाया गया कोविड-19 की वैक्‍सीन लगी थी उनके स्वास्थ्य संबंधी जरूरी मानक सामान्य हैं। ऐसे में ये एक बड़ी कामयाबी भी है अगर नतीजे ऐसे ही आते रहे तो कयास लगाया जा रहा है कि जल्द ही इसका टीका तैयार हो जायेगा और वो उपयोग में लगाया जाएगा जो विश्व के हालात को बदलकर रख देगा औऱ कोरोना को मात भी देगा।

वक्त रहते बेहतर फैसलो का ही नतीजा है कि देश में कोरोना ने अपने पैर तो पसारने की कोशिश की लेकिन उसके पैर पसारने का मौका देश की जनता और सरकार ने जमने नही दिए इसलिये कोरोना वो रूप नही ले पाया जो दुनिया में उसका दिखा था। ऐसे में बस अगर हम सब मिलकर कुछ दिन और कोरोना के बचाव के नियम पूरी तरह से मानते रहे तो जरूर वो दिन दूर नही जब हम भारत को कोरोना मुक्त भारत बना देंगे।


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