सामाजिक न्याय के वादे की जगह यूपी वालों ने राशन और प्रशासन के फार्मूले को पंसद किया

जिस तरह से यूपी चुनाव के नतीजे सामने आ रहा है उससे ये साफ हो गया है कि विपक्ष एक बार फिर से मोदी जी के साइलेंट वोटरों के मन को भापने में नकामयाब हुई है। इसी लिये तो यूपी में बीजेपी ना केवल चुनाव जीती है बल्कि एक नये इतिहास को भी लिखने जा रही है और ये साफ हो गया कि नौकरियों और सामाजिक न्याय के वादे की जगह यूपी वालों ने राशन और प्रशासन के फार्मूले को ज्यादा पंसद किया है।

राशन प्रशासन के फार्मूले ने दिलाई प्रचंड जीत

उत्तर प्रदेश में बीजेपी इतिहास बनाती नजर आ रही है। यूपी विधानसभा चुनाव परिणाम में बीजेपी प्रचंड बहुमत हासिल करती नजर आ रही है। सरकारी नौकरियों और सामाजिक न्याय के नारे के साथ मैदान में उतरी समाजवादी पार्टी को बीजेपी  के राशन और प्रशासन के फार्मूले ने पीछे कर दिया। सपा को 2017 के मुकाबले सीटों में बढ़त जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन वो सत्ता वाली सीट से काफी पीछे रह गई। दरअसल, इसके पीछे आम लोगों के लिए किए गए बीजेपी के काम नजर आ रहे हैं, जिसमें ‘फ्री राशन’ और अच्छा शासन प्रमुख है। बीजेपी की इस ताकत की काट विपक्ष नहीं ढूंढ पाया। यूपी में 14.96 करोड़ लोगों को फ्री में राशन  मिल रहा था। इसके लाभार्थी बीजेपी के लिए वोट में कन्वर्ट हो गए। कोरोना काल में मुफ्त राशन ने लोगों के घर को संभाले रखा और इसका लाभ उठाने वाले सरकार के मुरीद हो गए।मोदी सरकार ने 26 मार्च 2020 को कोरोना को लेकर लगाए गए लॉकडाउन को देखते हुए फ्री राशन देने की स्कीम की शुरुआत की थी जो नवंबर 2021 में खत्म हो रही थी, लेकिन चुनाव को देखते हुए योगी सरकार ने इसे यूपी में नवंबर 2021 से आगे भी जारी रखने का एलान कर दिया था, कहा था कि फ्री राशन मिलना होली तक जारी रहेगा। यही नहीं लोगों को गेहूं, चावल के साथ चना दाल, खाद्य तेल और नमक भी दिया गया। महीने में दो-दो बार फ्री राशन मिला, जिसके नीचे दूसरे सारे मुद्दे फीके पड़ गए।

सबसे ज्यादा वोटिंग करने वाले ग्रुप को किया टारगेट

प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सीएम योगी आदित्यनाथ  अपने हर भाषण में फ्री राशन वाली योजना का जिक्र करते रहे। ताकि इसका लाभ लेने वालों को वोट देते वक्त भी याद रहे। सरकार की इस योजना का फायदा गरीबों, श्रमिकों को खूब मिला, यही लोग सबसे ज्यादा वोट भी देते हैं और सरकार ने इस वर्ग को तेजी से पकड़े रखा। क्योंकि यही वर्ग वोटिंग के वक्त भी अपने घरों से सबसे ज्यादा निकलते है और इसका असर भी देखा गया। वही दूसरे वर्ग के लोगों ने भी दिल खोलकर बीजेपी को वोट किया जिसका नतीजा ये हुआ की इतना भारी बहुत सरकार को मिला।

35 साल बाद यूपी ने इतिहास भी रचा है तो इस चुनाव ने कई मिथक भी तोड़े की जो नोएडा नहीं जाता है वो ही चुनाव जीतता था। लेकिन इस चुनाव में उसे भी मिथक ही साबित किया।