Inspiring Story / बंगलुरु के बस कंडक्टर मधु एनसी ने 8 घंटे काम करते हुए पास की UPSC की परीक्षा

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पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती और ना ही वक्त होता और इसे चरितार्थ किया है बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन के एक बस कंडक्टर मधु एनसी ने। बस कंडक्टर ने नौकरी के साथ-साथ रोज 5 घंटे पढ़ाई करके यूपीएससी परीक्षा पास की है।

बस कंडक्टर मधु एनसी ने आठ घंटे की नौकरी के साथ ही यूपीएससी की प्री और मेन्स परीक्षा पास कर ली है। मधु ने ये परीक्षा बिना कोचिंग के पास की है। अब 25 मार्च को यूपीएससी का इंटरव्यू देने जा रहे हैं। 29 साल के मधु ने पिछले साल प्रिलिंम्स पास किया था और इस महीने यूपीएससी मेंस में अपना नाम देखकर उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है। मधु के परिवार में एक भाई, भाभी और माता-पिता हैं. अपने परिवार में मधु ही इकलौते शख्स हैं, जिसने स्कूल जाकर पढ़ाई की है। मधु की मां को यूपीएससी का मतलब या इसका रुतबा नहीं पता है लेकिन बेटे की इस सफलता पर वह भी बहुत खुश हैं।

पॉलिटिकल साइंस विषय में दी मेन्स परीक्षा

यूपीएससी की तैयारी का सफर मधु के लिए आसान नहीं था। रोज आठ घंटे कंडक्टर का काफी थका देने वाला काम करते और फिर बचे हुए वक्त में परीक्षा की तैयारी करते थे। मधु ने पॉलिटिकल साइंस, इंटरनेशनल रिलेशन्स, एथिक्स, लैंग्वेज में जमकर पढ़ाई की। उन्होंने मेन्स में ऑप्शनल सब्जेक्ट के रूप में पॉलिटिकल साइंस और इंटरनेशनल रिलेशन्स को चुना। मधु ने प्रीलिंम्स तो कन्नड़ में दी थी लेकिन मेन्स उन्होंने इंग्लिश में लिखा।

आईएएस अधिकारी की मदद से पढ़ाई की

उनका कहना है कि इंटरव्यू क्लियर करके वह अपने वर्तमान बॉस यानी बेंगलुरु मेट्रोपॉलिटन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की मैनेजिंग डायरेक्टर आईएएएस सी शिखा जैसा बनना चाहते हैं। सी शिखा के बारे में मधु बताते हैं, ‘वह मेरी काफी मदद कर रही हैं। मेन्स परीक्षा के लिए वह हर हफ्ते मुझे दो घंटे के लिए पढ़ाती रही हैं कि परीक्षा में आंसर कैसे लिखे जाएं। अब वह मुझे इंटरव्यू के लिए भी तैयार कर रही हैं।’

आपको बता दें कि संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2019 का इंटरव्यू शेड्यूल जारी हो चुका है। इंटरव्यू 17 फरवरी, 2020 से 3 अप्रैल 2020 तक चलेंगे। इस अवधि में कुल 2304 उम्मीदवारों के इंटरव्यू लिए जाएंगे।

मधु एनसी के बारे में ये उक्तियाँ सही साबित होती है :

वक्त से लड़कर जो नसीब बदल दे,
इंसान वही जो अपनी तकदीर बदल दे !

 


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