भारतीय रेलवे को ग्रीन रेलवे बनाने की पहल शुरू, अब सौर ऊर्जा से होगी बिजली आपूर्ति

केंद्र सरकार देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और मोदी सरकार के आने के बाद लगातार इस पर काम किया जा रहा है।

सौर ऊर्जा पर्यावरण के अनुकूल है और इसलिए अब भारतीय रेलवे इसका अधिक से अधिक इस्तेमाल का प्रयास कर रहा है। रेलवे ने लक्ष्य रखा है कि भारतीय रेलवे को दुनिया का पहला ग्रीन रेलवे बनाया जाए। इसके लिए वर्ष 2030 तक का लक्ष्य तय किया गया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए बजट 2020 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि रेलवे पूरे देश में रेलवे पटरियों के साथ रेलवे की जमीनों पर बड़े पैमाने पर सोलर प्लांट लगाएगी, जिससे बिजली का उत्पादन किया जाएगा। इस बिजली का इस्तेमाल रेलवे करेगी। इस काम के लिए बजट में अलग से पैसे का आवंट भी किया गया है।

ग्रीन रेलवे बनाने की तैयारी

भारतीय रेलवे दुनिया की पहली ग्रीन रेलवे बनने के लिए देश की महारत्न कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) के साथ करार भी किया है। बतौर पायलट प्रोजेक्ट रेलवे के लिए भेल दो मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन करेगा। इस बिजली से ट्रेन के ट्रेक्शन इंजन से लेकर पंखे, एसी, लाइट्स आदि भी चलेंगे। सूत्रों के मुताबिक भेल ने अपनी भोपाल यूनिट को इसका काम सौंपा है।

पटना जंक्श न पर अब सौर ऊर्जा से होगी बिजली आपूर्ति

पटना जंक्शन के सभी प्लेटफॉर्म सहित ऑफिस की बिजली आपूर्ति सौर ऊर्जा पर निर्भर हो रही है। जंक्शन की छतों पर लगाए गए सोलर पैनल से हर महीने चार लाख से अधिक की बिजली उत्पन्न हो रही है। अकेले पटना जंक्शन के सामने के भवनों पर लगाए गए सौर ऊर्जा प्लांट ठंड के दौरान 35 हजार यूनिट बिजली बना रहे हैं। गर्मी के दौरान यह तीन गुणा तक बढ़ जाता है। पटना जंक्शन पर वर्तमान में हर महीने ढाई लाख यूनिट बिजली की खपत है, जो सोलर पैनल के उत्सर्जन से 1.05 लाख यूनिट तक पहुंच जाता है। इस हिसाब से यह चार लाख तक पहुंच जाता है। प्लांट धीरे-धीरे बढ़ाने की तैयारी है।

अभी रेलवे हर माह बिहार से सिर्फ पटना जंक्शन पर औसतन 10 से 15 लाख रुपए की बिजली खरीदता है। वहीं सोलर पैनल से एक से चार लाख रुपए की बिजली उत्सर्जित हो रही है। यह लगातार बढ़ने की संभावना है। हर महीने 10 लाख रुपए तक की बिजली बनेगी। सोलर कंपनियों से हुए करार की मानें तो 5 वर्ष बाद सभी रेलवे जंक्शन पर सरकारी बिजली की खपत न के बराबर हो जाएगी। रेलवे से प्राप्त जानकारी की मानें तो पिछले तीन महीने में पटना, दानापुर और राजेंद्र नगर टर्मिनल के साथ डीआरएम ऑफिस में लगे पैनल ने 7.08 लाख रुपए बचाये है।

दिल्ली में भी लगे प्लांट

दिल्ली में नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली, निजामुद्दीन और आनंद विहार रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन के प्लेटफार्म की क्षमतों पर सोलर पैनल लगा कर बिजली का उत्पादन किया जा रहा है। इससे रेलवे के बिजली के बिल में भी कमी आयी है।

बठिंडा में उठाए गए ये कदम

बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए बठिंडा रेलवे स्टेशन ने सौर ऊर्जा उत्पादन की तरफ पहल की है। बठिंडा रेलवे स्टेशन सौर ऊर्जा के उत्पादन से अपनी बिजली की जरूरत को पूरा करने के लिए बड़े पैमाने पर काम कर रहा है। अब तक स्टेशन पर लगाए गए सोलर प्लांट से स्टेशन पर हर साल 1 करोड़ रुपए की बचत की जाएगी। रेलवे स्टेशन इमारत की छत व शेड पर सोलर प्लांट पैनल लगाई गई हैं।

क्या है सौर ऊर्जा

सौर ऊर्जा वह उर्जा है जो सीधे सूर्य से प्राप्त की जाती है। सौर ऊर्जा ही मौसम एवं जलवायु का परिवर्तन करती है। यहीं धरती पर सभी प्रकार के जीवन (पेड़-पौधे और जीव-जन्तु) का सहारा है। वैसे तो सौर उर्जा के विविध प्रकार से प्रयोग किया जाता है, किन्तु सूर्य की उर्जा को विद्युत उर्जा में बदलने को ही मुख्य रूप से सौर उर्जा के रूप में जाना जाता है।