सरकार के हस्तक्षेप के बाद इंडिगो नहीं काटेगी कर्मचारिओं के वेतन

अपने कर्मचारियों को राहत देते हुए इंडिगो ने उनके वेतन नहीं काटने का फैसला किया है | उन्होंने सरकार के आदेश का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया है | यह फैसला उनके कर्मचारियों के लिये काफी राहत भरा है जो की पिछले लगभग एक महीने से काम पर नहीं जा पा रहे हैं |  

इंडिगो के मुख्य कार्यपालक अधिकारी रोनजॉय दत्ता ने गुरुवार को कर्मचारियों से कहा कि एयरलाइन ने वेतन में कटौती के निर्णय को वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय सरकार की उस अपील पर किया गया है जिसमें कंपनियों से कर्मचारियों के वेतन में कटौती नहीं करने की बात कही गई थी।

पहले की थी वेतन में कटौती की घोषणा

कंपनी ने पहले वरिष्ठ कर्मचारियों के अप्रैल महीने के वेतन में कटौती की घोषणा की थी। इस संदर्भ में दत्ता ने ई-मेल में कर्मचारियों से कहा कि, ‘हालांकि हमारी कार्यकारी समिति के सदस्य और वरिष्ठ उपाध्यक्षों ने स्वेच्छा से इस महीने वेतन कम लेने का फैसला किया है। अन्य सभी कर्मचारी अप्रैल महीने का पूरा वेतन पाने की उम्मीद कर सकते हैं।’

विमानन उद्योग की आय पर बुरा असर

देश में कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए 25 मार्च से लॉकडाउन है। सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक उड़ानें इस दौरान निलंबित हैं। इसके परिणामस्वरूप भारतीय विमानन उद्योग की आय पर बुरा असर पड़ा है।

ई-मेल के अनुसार, दत्ता ने कहा कि ‘बंद के दौरान कर्मचारियों का वेतन नहीं काटे जाने की सरकार की इच्छा का सम्मान करते हुए हमने पूर्व में अप्रैल महीने के वेतन में कटौती की घोषणा को लागू नहीं करने का फैसला किया है।’

दत्ता ने 19 मार्च को घोषणा की थी कि कोरोना वायरस महामारी और बंद को देखते हुए एयरलाइन अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में कटौती करने जा रही है और वह स्वयं 25 फीसदी कम वेतन लेंगे।

उन्होंने कहा था कि, ‘वह स्वयं 25 फीसदी कम वेतन लेंगे जबकि वरिष्ठ उपाध्यक्ष (एसपीवी) और उसके ऊपर के अधिकारी 20 फीसदी, उपाध्यक्ष (वीपी) और चालक दल (कॉकपिट) के सदस्य 15 फीसदी कम वेतन लेंगे। सहायक उपाध्यक्ष (एवीवी), डी बैंड के कर्मचारी और चालक दल के अन्य सदस्य (केबिन क्रू) 10 फीसदी और बैंड सी के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी 5 फीसदी कम वेतन लेंगे।’