दुश्मनों की नींद उड़ाने को तैयार स्वदेशी ‘धनुष’ तोप, आज से सेना में शामिल

देश और जनता की सुरक्षा हमेशा से ही PM मोदी की प्राथमिकता रही है| इसे मजबूती देने के लिए मोदी ने प्रथम कार्यकाल में यथासंभव प्रयास किये है और अभी भी उनका प्रयास जारी है| विकसित और सामरिक दृष्टि से मजबूत देशों से बेहतरीन और आधुनिक हथियारों का सौदा भी इन प्रयासों में शामिल है| इसके अतिरिक्त एक और चीज़ है जिस पर मोदी हमेशा से ही जोर देते आये है और वो है अपने देश में मजबूत से मजबूत हथियारों को तैयार करना और सेना को स्वदेशी हथियारों से लैस करना|

अब मोदी के प्रयासों को धीरे-धीरे सफलता मिलती दिख रही है| मेक इन इंडिया के अंतर्गत तैयार किया गया पहला स्वदेशी तोप ‘धनुष’ आज बुधवार को सेना को समर्पित किया जायेगा|

Indigenous 'Dhanush' gun

धनुष तोप का निर्माण कर भारत ने दुनिया के शीर्ष तोप बनाने वाले देशो में अपना नाम दर्ज करवा लिया है|

धनुष है दुश्मनों के लिए घातक

स्वदेशी तकनीक से विकसित ‘धनुष’ 155 एमएम 45 कैलिबर की माडर्न आर्टिलरी गन प्रणाली में सबसे घातक है| यह एक पृथक गन सिस्टम के रूप में विकसित की गई है|

वजन – 155 एमएम 39 कैलिबर गन से 700 किलोग्राम ज्यादा

बैरल – बोफोर्स की तुलना में 877 mm ज्यादा है

पाठकों को बता दें कि 1987 में 414 बोफोर्स तोप स्वीडन से आयात की गईं थीं, जिनमे से लगभग 300 बोफोर्स तोपें अभी भी सीमा पर तैनात हैं| अब इन बोफोर्सकी जगह स्वदेशी तोप धनुष लेगा| इसके लिए सेना ने कानपुर आर्डनेंस फैक्ट्री को 414 ‘धनुष’ तोप बनाने का निर्देश दे दिया है|

धनुष की खास बातें

धनुष तोप 35 किमी तक छिपे दुश्मनों पर वार करने में सक्षम है| बोफोर्स गन की तुलना में धनुष में फायर कम्प्यूटर सिस्टम पर आटो लेईंग प्रणाली भी लगे गयी है| धनुष के आधुनिक साइटिंग सिस्टम के तहत नाईट कैमरे की तुलना में डे कैमरा ज्यादा प्रभावी है| इसकी बैलिस्टिक गणना, गन रिकार्डिंग, गन की पोजिशनिंग, बैक अप साइट सिस्टम अत्याधुनिक है|

धनुष से एक कदम आगे की भी तैयारी

अभी तो धनुष के तहलके की चर्चा खत्म भी नहीं हुई और आर्डिनेंस फैक्ट्री ने उससे भी दो कदम आगे की तोप की नींव तैयार कर दी| धनुष का बैरल सात मीटर लंबा है, जबकि इसके नए संस्करण में नया बैरल आठ मीटर लंबा है| आठ मीटर लंबी तोप सिर्फ यूएसए, इजरायल और रूस के पास है, पर अब जल्द ही भारत के पास भी होगी|

आपको बता दें कि धनुष और एडवांस धनुष देश की पहले तोप हैं जिनमें इस्तेमाल किये गए 90 फीसदी पार्ट्स भारत में ही निर्मित हैं|

उल्लेखनीय है कि दुनिया की सबसे खतरनाक पांच तोपों में धनुष भी शामिल है| ऐसे में धनुष तोप के सेना में शामिल होने से सेना को और भी मजबूती मिली है| इसका स्वदेशी होना देश के लिए गौरव की बात है| जिस रफ़्तार से हम प्रगति की राह पर बढ़ रहे हैं, वो दिन दूर नहीं जब भारत को हथियारों के मामले में किसी देश से सौदा न करना पड़े|