पाक के हर झूठ पर भारत का सच पड़ा भारी

यूएन की स्थापना के 75 साल पूरे हो चुके है और इसी बीच संयुक्त राष्ट्र आम सभा की बैठक भी चल रही है। जैसा सबको अंदाजा था इस बैठक में पाकिस्तान एक बार फिर से कश्मीर मुद्दे पर झूठ बोलेगा और ऐसा ही हुआ। इमरान ने अपने पूरे भाषण में झूठ के सिवा कुछ नही बोला पर भारत की तरफ से भी हर झूठ का बड़े सटीक तरीके से जवाब दिया गया।

 

भारत ने इमरान खान के भाषण का किया बहिष्कार

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 75वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अपने पहले से रिकॉर्ड किये वीडियो संबोधन में जम्मू-कश्मीर समेत भारत के आतंरिक मामलों का जिक्र किया। पाक पीएम के संबोधन में जैसे ही भारत का जिक्र आया, वैसे ही संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन के प्रथम सचिव मिजितो विनितो महासभा हॉल से बाहर चले गए। हालांकि बाद में उन्होने पाक के हर झूठ से पर्दा हटाया।

पाकिस्तान को दुनिया के सामने किया बेनकाब

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय मिशन के प्रथम सचिव मिजितो विनितोने कहा, ‘इमरान खान ने भारत को लेकर कई बातें कहीं, लेकिन हैरानी की बात है कि उन्होंने ये सब खुद के बारे में कहा पाकिस्तान के पास इस महासभा में झूठ बोलने के सिवाय कुछ भी नहीं था’भारत का पक्ष रखते हुए मिजितो विनितो ने कहा कि  इमरान खान ने खुद पाकिस्तान की संसद में ओसामा बिन लादेन को ‘शहीद’ करार दिया था यही नहीं, खुद इमरान खान ने 2019 में अमेरिका में माना था कि उनके देश में 30 से 40 हजार आतंकियों के ट्रेनिंग दी गई और फिर उन्हें भारत और अफगानिस्तान में आतंकवाद फैलाने के लिए भेजा गया, खास कर भारत के जम्मू और कश्मीर राज्य में।

POK पर पाक को दो टूक

भारत ने एक बार फिर से दुनिया के सबसे बड़े मंच से साफ कर दिया है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा इसके साथ भारत ने साफ किया कि अब पाकिस्तान से बात होगी तो POK पर होगी जिसपर पाक ने गलत तरीके से कब्जा जमा रखा है। भारत ने यूएन के मंच से पाक में दूसरे धर्म के लोगो के साथ जो धार्मिक उत्पीड़न हो रहा है उसका मुद्दा भी उठाया औऱ आरोप लगाया कि पाक में हिंदुओं, ईसाईयों और सिखों के साथ ही अन्य धार्मिक, नस्लीय समूह के लोगों का सफाया किया जा रहा है, उनके ऊपर धर्म के अपमान का आरोप लगाकर उन्हें सजा दी जा रही है और जबरन उनका धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। दुनिया को इसपर तुरंत सख्त कदम उठाते हुए पाक से जवाब पूछना चाहिए।

पाक के पीएम इमरान ने सोचा था कि वो झूठ बोलकर निकल जायेंगे और भारत चुप रहेगा। लेकिन वो ये भूल गये कि भारत अब तुरंत जवाब देने के लिए जाना जाता है। इसका एक उदाहरण यूएन में पाक पीएम के भाषण के बाद दिया गया भारत का बयान है।